गुजरात में बारिश का कहर: कई जिले जलमग्न, किसानों को सिंचाई और दवा छिड़काव टालने की सलाह

गुजरात में बारिश का कहर: कई जिले जलमग्न, किसानों को सिंचाई और दवा छिड़काव टालने की सलाह

गुजरात में भारी बारिश से अहमदाबाद सहित कई जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. मौसम विभाग ने आठ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने NDRF और SDRF की टीमें तैनात कर दी हैं. वहीं कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सिंचाई, खाद और कीटनाशकों का प्रयोग फिलहाल रोकने और फसलों में जलनिकासी की विशेष व्यवस्था करने की सलाह दी है.

Heavy rain in Gujarat turned deadly as three farm labourers were electrocuted in Navsari and an 11-year-old girl was swept away in Anand. Heavy rain in Gujarat turned deadly as three farm labourers were electrocuted in Navsari and an 11-year-old girl was swept away in Anand.
क‍िसान तक
  • अहमदाबाद,
  • Sep 14, 2026,
  • Updated Sep 14, 2026, 4:52 PM IST

गुजरात में मॉनसून ने एक बार फिर रौद्र रूप दिखाया है. सोमवार को राज्य के कई हिस्सों में हुई मूसलाधार बारिश से सड़कें, अंडरपास और निचले इलाके जलमग्न हो गए. अहमदाबाद, गांधीनगर, राजकोट, मोरबी, जामनगर, पोरबंदर, सुरेंद्रनगर और देवभूमि द्वारका समेत आठ जिलों के लिए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रेड अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने कई इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है.

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, मध्य गुजरात में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई. आनंद जिले के बोरसद तालुका में केवल आठ घंटे के भीतर 138 मिमी और अहमदाबाद जिले के ढोलका में 102 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. वहीं अहमदाबाद शहर में सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच 84 मिमी बारिश हुई, जिससे शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया.

बारिश के कारण मुख्य सड़कों पर घुटनों तक पानी

बारिश के कारण मुख्य सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया और वाहन रेंगते नजर आए. कई अंडरपास पूरी तरह पानी में डूब गए. दृश्यता कम होने के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ. कई इलाकों में लोगों को बाढ़ जैसे हालात का सामना करना पड़ा.

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की कुल 38 टीमें तैनात की हैं. आपदा प्रबंधन विभाग लगातार निचले इलाकों और जलाशयों की निगरानी कर रहा है.

दक्षिण गुजरात में भी बारिश का जोर बना हुआ है. वलसाड जिले के कपराडा क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान 113 मिमी बारिश दर्ज की गई. राज्य में अब तक औसत मौसमी बारिश का 80.23 प्रतिशत हिस्सा दर्ज हो चुका है, जबकि दक्षिण गुजरात में यह आंकड़ा 110 प्रतिशत से अधिक पहुंच गया है.

बारिश के चलते जलाशयों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, राज्य के 206 जलाशयों में से 35 हाई अलर्ट पर हैं, जबकि 13 जल स्रोतों के लिए चेतावनी जारी की गई है. इसके चलते नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है.

किसानों के लिए विशेष कृषि सलाह

लगातार हो रही बारिश को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है. वैज्ञानिकों ने सभी कृषि क्षेत्रों में किसानों को फिलहाल सिंचाई, खाद की टॉप ड्रेसिंग और गुड़ाई-निराई जैसे काम रोकने की सलाह दी है. खेतों में जलभराव रोकने के लिए प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था बनाने पर जोर दिया गया है.

धान किसानों के लिए सलाह

मध्य गुजरात और दक्षिण गुजरात क्षेत्रों के धान किसानों को अतिरिक्त बारिश का पानी निकालने की सलाह दी गई है. बारिश रुकने के बाद खेतों में केवल 2 से 7 सेंटीमीटर तक पानी बनाए रखने को कहा गया है. किसानों को ब्लास्ट और बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट जैसी बीमारियों की निगरानी के लिए भी सतर्क रहने को कहा गया है.

कपास किसानों को चेतावनी

कपास की फसल में फिलहाल सिंचाई और उर्वरकों का प्रयोग नहीं करने की सलाह दी गई है. विशेषज्ञों ने सफेद मक्खी, माहू, जेसिड और गुलाबी सुंडी (Pink Bollworm) की नियमित निगरानी करने को कहा है. खेतों में फेरोमोन ट्रैप लगाने और संक्रमित बॉल और फूलों को नष्ट करने की सलाह दी गई है.

मूंगफली और तिल की फसलों पर नजर

उत्तर-पश्चिम और तटीय क्षेत्रों में मूंगफली की खेती करने वाले किसानों को सफेद लट, स्पोडोप्टेरा, कटवर्म और पत्ती रोगों की निगरानी करने की सलाह दी गई है. वहीं तिल की फसल में पत्ती लपेटक कीट, माइट्स और फफूंदजनित रोगों पर नजर रखने को कहा गया है.

दलहनी फसलों के लिए सतर्कता

मूंग और उड़द की खेती वाले क्षेत्रों में जलभराव से बचने और मोजेक रोग, रोएंदार सुंडी और रस चूसने वाले कीटों की निगरानी की सलाह दी गई है. बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की सिंचाई न करने की सिफारिश की गई है.

सब्जी और बागवानी फसलों को सहारा देने की सलाह

तेज हवा और बारिश को देखते हुए केले, टमाटर, मिर्च, बैंगन और अन्य बागवानी फसलों को यांत्रिक सहारा देने की सलाह दी गई है. कटाई के बाद की उपज और पशुओं के चारे को सुरक्षित और ढके हुए स्थानों पर रखने की भी सिफारिश की गई है.

कीटनाशकों का छिड़काव फिलहाल टालें

विशेषज्ञों ने साफ कहा है कि बारिश के दौरान या बारिश की संभावना रहने पर किसी भी प्रकार का कीटनाशक या फफूंदनाशी स्प्रे न किया जाए. पौध संरक्षण संबंधी सभी काम तभी किए जाएं जब मौसम पूरी तरह साफ हो और पर्याप्त समय तक बारिश की संभावना न हो.

मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार से गुजरात के अधिकांश हिस्सों में मौसम में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है. हालांकि तटीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना बनी हुई है. प्रशासन और कृषि विभाग ने नागरिकों और किसानों से मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखने की अपील की है.

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