खेती का बदला तरीका, कमाई का बढ़ा रास्ता! किसान अंकित ने अपनाया आधुनिक खेती का मॉडल

खेती का बदला तरीका, कमाई का बढ़ा रास्ता! किसान अंकित ने अपनाया आधुनिक खेती का मॉडल

किसान अंकित ने खेती को आधुनिक व्यवसाय के रूप में अपनाने की दिशा में पहल की है.जमीन-पानी का बेहतर नियोजन, सरकारी योजनाओं का लाभ और कृषि गतिविधियों में नवाचार के जरिए उनका खेत ग्रामीण उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रहा है.

धर्मेंद्र सिंह
  • Raipur ,
  • Sep 08, 2026,
  • Updated Sep 08, 2026, 7:55 AM IST

छत्तीसगढ़ में खेती को सिर्फ परंपरागत काम नहीं, बल्कि आधुनिक व्यवसाय के रूप में अपनाने की दिशा में किसान अंकित की पहल प्रेरणादायक बन रही है. उनका अनुभव बताता है कि अगर उपलब्ध जमीन और पानी जैसे संसाधनों का सही तरीके से नियोजन किया जाए और खेती से जुड़ी शासकीय योजनाओं का लाभ उठाया जाए, तो कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है.

अंकित ने खेती को केवल एक फसल तक सीमित रखने के बजाय कृषि से जुड़ी अलग-अलग गतिविधियों को आपस में जोड़ने पर जोर दिया.उनका मानना है कि खेती में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल, फसल प्रबंधन, नई तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी किसान की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल बना सफलता का आधार

किसान के लिए जमीन और पानी सबसे महत्वपूर्ण संसाधनों में शामिल हैं.इनका सही नियोजन खेती की लागत कम करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकता है.अंकित ने भी उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए खेती की गतिविधियों को व्यवस्थित करने की कोशिश की.

उनका अनुभव यह बताता है कि खेती में सिर्फ ज्यादा उत्पादन पर ध्यान देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कम लागत, बेहतर संसाधन प्रबंधन और बाजार की जरूरत के मुताबिक कृषि गतिविधियों का चयन भी उतना ही जरूरी है.

सरकारी योजनाओं की जानकारी भी जरूरी

अंकित की पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू कृषि से जुड़ी शासकीय योजनाओं की जानकारी और उनका उपयोग है. उनका मानना है कि सरकार की ओर से किसानों के लिए संचालित योजनाओं का लाभ तभी प्रभावी तरीके से लिया जा सकता है, जब किसान को उनकी पात्रता, प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं की सही जानकारी हो.इसलिए आधुनिक किसान के लिए खेती के साथ-साथ योजनाओं और कृषि विभाग की जानकारी रखना भी जरूरी होता जा रहा है.

खेती में नवाचार से बढ़ सकती है कमाई

अंकित का मानना है कि बदलते समय के साथ खेती के तौर-तरीकों में भी बदलाव जरूरी है.खेती में नई तकनीक, बेहतर प्रबंधन और अलग-अलग कृषि गतिविधियों का समन्वय किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ने का अवसर दे सकता है.उनकी पहल यह संदेश देती है कि खेती को यदि व्यवसाय की तरह योजनाबद्ध तरीके से किया जाए तो इसमें आय बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं.

खेत ने दिखाई गाँव में कमाई की नई राह

अंकित का खेत अब केवल फसल उत्पादन की जगह नहीं रह गया है, बल्कि यह ग्रामीण उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक उदाहरण बनता जा रहा है. उनकी कोशिश बताती है कि सीमित संसाधनों के बीच भी बेहतर योजना, मेहनत, नवाचार और सरकारी योजनाओं के सही उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है.

आज जरूरत है कि किसान पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक सोच अपनाएं और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर कृषि को एक व्यवस्थित व्यवसाय के रूप में विकसित करें. अंकित की पहल इसी बदलाव की ओर इशारा करती है.

 

 

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