नेपाल से आए जंगली हाथियों ने पीलीभीत में मचाई तबाही! धान और गन्ने की फसलें रौंदी

नेपाल से आए जंगली हाथियों ने पीलीभीत में मचाई तबाही! धान और गन्ने की फसलें रौंदी

नेपाल में आई बाढ़ के बाद जंगली हाथियों का झुंड पीलीभीत के गांवों तक पहुंच गया है. हाथी रात में खेतों में घुसकर धान और गन्ने की फसलें रौंद रहे हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और नुकसान के सर्वे के बाद किसानों को मुआवजा दिलाने की बात कही है.

क‍िसान तक
  • Noida,
  • Sep 14, 2026,
  • Updated Sep 14, 2026, 4:20 PM IST

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में नेपाल के जंगलों से आए जंगली हाथियों ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है. बाढ़ के बाद हाथियों का झुंड भटककर सेहरामऊ उत्तरी इलाके के गांवों के पास पहुंच गया है. ये हाथी रात के समय जंगल से निकलकर खेतों में घुस रहे हैं और खड़ी धान और गन्ने की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं. कई किसानों के खेतों में बनी अस्थायी झोपड़ियां भी हाथियों ने तोड़ दी हैं. वहीं, फसल बर्बाद होने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.

ग्रामीणों के मुताबिक, हाथियों का झुंड शुक्रवार रात सेहरामऊ गांव के आसपास के खेतों में पहुंचा. सुबह जब किसान खेतों में गए तो उन्हें बड़ी मात्रा में धान और गन्ने की फसल रौंदी हुई मिली. इसके बाद शनिवार रात भी हाथी दोबारा इलाके में पहुंच गए और कई किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया.

कई किसानों की फसल हुई बर्बाद

ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों ने सेहरामऊ निवासी किसान विजय बहादुर सिंह और ओम प्रकाश की करीब एक एकड़ धान की फसल को नुकसान पहुंचाया. वही, दीनदयाल की तीन बीघा धान और धीरज की दो बीघा गन्ने की फसल भी बर्बाद होने की बात कही गई है. शनिवार रात हाथियों ने किसान प्रह्लाद की करीब पांच बीघा धान की फसल को रौंद दिया. इसके अलावा श्रीराम की गन्ने की फसल को भी नुकसान पहुंचा. ग्रामीणों का दावा है कि हाथियों के झुंड ने चंद्रदेव की चार बीघा, धनराजी की तीन बीघा, शिवपूजन की पांच बीघा और तरकेसर की पांच बीघा गन्ने की फसल को भी नुकसान पहुंचाया है. किसानों का कहना है कि फसल तैयार होने के समय हाथियों के खेतों में घुसने से उन्हें भारी नुकसान हो रहा है. ग्रामीणों को यह भी डर है कि अगर हाथियों का झुंड खेतों से निकलकर गांव या रिहायशी इलाकों में पहुंच गया तो बड़ा हादसा हो सकता है.

वन विभाग की टीम निगरानी में जुटी

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर और डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने इलाके में जंगली हाथियों की मौजूदगी की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि नेपाल में आई बाढ़ के बाद हाथियों के झुंड के इस तरफ आने की संभावना है. उन्होंने बताया कि हाथियों को इलाके से बाहर खदेड़ना वन विभाग की पहली प्राथमिकता है. रविवार से ही वन विभाग की एक टीम मौके पर तैनात कर दी गई है, जो लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है. वन विभाग ने ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है लोगों से कहा गया है कि वे हाथियों के करीब न जाएं और उनका सामना करने की कोशिश न करें. खासकर रात के समय खेतों में जाने से बचने की सलाह दी गई है.

किसानों ने मांगा फसल नुकसान का मुआवजा

किसानों ने वन विभाग से हाथियों की निगरानी और गश्त बढ़ाने की मांग की है. उनका कहना है कि हाथियों के बार-बार खेतों में आने से फसल का और नुकसान हो सकता है. साथ ही ग्रामीण इलाकों में हाथियों के पहुंचने पर लोगों की जान को भी खतरा हो सकता है. DFO मनीष सिंह ने कहा कि फसल के नुकसान का आकलन सर्वे और राजस्व विभाग की रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा. रिपोर्ट तैयार होने के बाद प्रभावित किसानों को सरकार से मुआवजा दिलाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी. किसानों की मांग है कि वन विभाग हाथियों को खेतों और आबादी वाले इलाकों से दूर रखने के लिए स्थायी और प्रभावी इंतजाम करे. उनका कहना है कि समय रहते निगरानी नहीं बढ़ाई गई तो फसलों के साथ-साथ इंसानी जान पर भी खतरा बढ़ सकता है. (PTI)

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