
उत्तर प्रदेश सरकार ने आलू किसानों को राहत देने के लिए भंडारण शुल्क (स्टोरेज फीस) में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से छूट देने का फैसला किया है. उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि इस राहत की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के जरिए किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी. इसके लिए सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है. योगी सरकार ने आलू की कीमतों में उतार-चढ़ाव से किसानों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष का भी प्रावधान किया है. इसके तहत बाजार भाव को स्थिर रखने के उद्देश्य से किसानों को 1.50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से भावांतर भुगतान किया जाएगा. इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है और भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा.
उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार आलू किसानों की समस्याओं को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं मानती है. भंडारण और बाजार में उपज की बिक्री से जुड़ी दिक्कतों को कम करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं. विभाग ने चालू वर्ष में फसल खेत में रहते ही आलू के लिए नए बाजार तलाशने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी.
मंत्री ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश के आलू के लिए दूसरे राज्यों में बाजार तलाशने की कोशिश के तहत 30 जनवरी 2026 को भुवनेश्वर में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम में उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने ओडिशा के उप मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के साथ किसानों और कारोबारियों से बातचीत की गई थी. इसका उद्देश्य ओडिशा में उत्तर प्रदेश के आलू की आपूर्ति बढ़ाने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की संभावनाएं तलाशना था.
उन्होंने आगे बताया कि उत्तर प्रदेश के उद्यान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अलग-अलग राज्यों का दौरा कर वहां आलू की बिक्री और आपूर्ति की संभावनाओं का आकलन किया. सरकार का कहना है कि दूसरे राज्यों में बाजार तलाशने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अधिक विकल्प मिल सकते हैं और मार्केटिंग व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है.
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में आलू किसानों से जुड़ी उत्पादन, भंडारण और मार्केटिंग की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार का जोर किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और फसल की बिक्री के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर है.
उद्यान मंत्री ने आलू किसानों से सरकार की योजनाओं और फैसलों की जानकारी के आधार पर ही निर्णय लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसानों के हित में उठाए जा रहे कदमों की वास्तविक स्थिति को समझना जरूरी है. सरकार ने किसान हित से जुड़े लोगों से योजनाओं को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी मांगे हैं.