दलहन आत्मनिर्भरता मिशन: छिंदवाड़ा में अरहर का रकबा तीन गुना बढ़ा, 12,300 हेक्टेयर में फसल

दलहन आत्मनिर्भरता मिशन: छिंदवाड़ा में अरहर का रकबा तीन गुना बढ़ा, 12,300 हेक्टेयर में फसल

दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में अरहर फसल प्रदर्शनों का निरीक्षण किया गया.जिले में अरहर का रकबा पिछले वर्ष के 4,000 हेक्टेयर से बढ़कर 12,300 हेक्टेयर पहुंच गया है. अधिकारियों ने किसानों को उन्नत तकनीक, MSP पर खरीदी और कृषि मैपर एप पर पंजीयन की जानकारी दी.

धर्मेंद्र सिंह
  • Chhindwada ,
  • Sep 26, 2026,
  • Updated Sep 26, 2026, 10:01 AM IST

दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने और देश को दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत मध्य प्रदेश का छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले का का प्रदर्शन बेहतरीन है. छिंदवाड़ा के ग्राम रामगढ़ी, मोहखेड़ के लिंगा, सौंसर के काजलवानी और पांढुर्णा के मोरडोंगरी में हितग्राही किसानों के खेतों में इन दिनों अरहर की फसल लगी हुई है. दलहन निदेशालय भोपाल के निदेशक डॉ. महेश कुमार ने किसानों से फसल की स्थिति, खेती की तकनीक और उत्पादन को लेकर चर्चा की तथा अरहर की उन्नत उत्पादन तकनीकों की जानकारी दी.

मेड़-नाली पद्धति से बेहतर फसल

दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र चंदनगांव द्वारा विकासखंड मोहखेड़ के ग्राम सिल्लेवानी में किसानों के खेतों में लगाए गए क्लस्टर फ्रंट लाइन प्रदर्शन का भी निरीक्षण किया गया. इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसल प्रबंधन से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी.

किसानों के खेतों में मेड़-नाली पद्धति से लगाई गई अरहर की फसल की अच्छी स्थिति देखकर निदेशक डॉ. महेश कुमार ने कहा कि उचित तकनीक अपनाने से किसानों को अरहर से बेहतर उत्पादन प्राप्त होने की संभावना है.उन्होंने किसानों को अरहर का पंजीयन कराने तथा शासन स्तर पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी की व्यवस्था की जानकारी भी दी. साथ ही सभी अरहर फसल प्रदर्शनों का कृषि मैपर एप पर शीघ्र पंजीयन कराने के निर्देश दिए.

महिला किसानों से विशेष चर्चा

क्षेत्र भ्रमण के दौरान डॉ. महेश कुमार ने महिला किसानों से विशेष चर्चा की. उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 के अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.

उन्होंने महिला किसानों को दलहन के महत्व, पोषण सुरक्षा और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन की जानकारी दी.उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाएं केवल उत्पादन में ही नहीं, बल्कि फसल प्रबंधन और कृषि गतिविधियों के संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं.दलहन उत्पादन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी देश की पोषण सुरक्षा और दलहन आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को मजबूत कर सकती है.

छिंदवाड़ा में बढ़ा अरहर का रकबा

उप संचालक कृषि मोरिस नाथ ने बताया कि कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन के मार्गदर्शन में खरीफ वर्ष 2026 में जिले में अरहर के रकबे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.पिछले वर्ष जिले में लगभग 4,000 हेक्टेयर में अरहर की खेती की गई थी, जबकि इस वर्ष यह रकबा बढ़कर लगभग 12,300 हेक्टेयर हो गया है.

इस तरह जिले में अरहर के क्षेत्रफल में करीब तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है.कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष अरहर की फसल जिले में अच्छी स्थिति में है और अनुकूल परिस्थितियों में बेहतर उत्पादन प्राप्त होने की संभावना है.

 

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