लगातार बारिश से पन्ना में बिगड़े हालात! उड़द-मूंग, तिल और धान की फसल को भारी नुकसान

लगातार बारिश से पन्ना में बिगड़े हालात! उड़द-मूंग, तिल और धान की फसल को भारी नुकसान

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश से किसानों की परेशानी बढ़ गई है. केन और मिढासन नदी समेत कई नदी-नाले उफान पर हैं और खेतों में पानी भरने से उड़द, मूंग, तिल और धान की फसल को नुकसान हुआ है.

बारिश बनी किसानों के लिए आफतबारिश बनी किसानों के लिए आफत
क‍िसान तक
  • Panna,
  • Sep 27, 2026,
  • Updated Sep 27, 2026, 10:25 AM IST

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है. बारिश के कारण जिले की केन और मिढासन नदी समेत कई नदी-नाले फिर से उफान पर आ गए हैं. नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भर गया है, वहीं खेतों में जलभराव के कारण उड़द, मूंग, तिल और धान की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है. लगातार बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है और अब वे फसल नुकसान के सर्वे और मुआवजे की मांग कर रहे हैं. साथ ही प्रशासन और पुलिस की टीम लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है.

नदी-नालों का बढ़ा जलस्तर

बरसात के आखिरी दौर में हो रही लगातार बारिश से पन्ना में एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात बनते नजर आ रहे हैं. केन नदी और मिढासन नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कई छोटे-बड़े नदी-नाले भी उफान पर हैं. बढ़ते जलस्तर को देखने के लिए लोग नदी किनारे पहुंच रहे हैं, हालांकि प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. पन्ना जिले की सामान्य औसत बारिश करीब 1176.4 मिलीमीटर है. वहीं, इस साल अब तक जिले में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है. लगातार बारिश के बीच प्रशासन नदी-नालों और निचले इलाकों की स्थिति पर नजर रख रहा है.

खेतों में भरा पानी, फसलों को नुकसान

लगातार बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर दिखाई दे रहा है. कई खेतों में पानी भर गया है. किसानों के मुताबिक, उड़द, मूंग, और तिल की फसल को भारी नुकसान हुआ है. वहीं खेतों में खड़ी धान की फसल भी प्रभावित हुई है. किसानों का कहना है कि कुछ खेतों में फसल लगभग खराब हो चुकी है. ज्यादा नमी के कारण धान में कीट लगने की समस्या भी सामने आ रही है. किसानों को अब चिंता है कि अगर बारिश आगे भी जारी रही तो नुकसान और बढ़ सकता है.

किसानों ने मांगा फसल नुकसान का मुआवजा

फसल खराब होने के बाद किसानों ने सरकार से फसल नुकसान का सर्वे कराने और नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की है. किसानों का कहना है कि खेती पर ही उनके परिवार की आजीविका निर्भर है और फसल बर्बाद होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. किसान कमलेश उमरे ने बताया कि तीन-चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है और नदी का पानी बढ़ गया है. वहीं, दूसरे किसान सीताराम ने कहा कि फसल खराब हो गई है और अब सरकार से मदद की उम्मीद है.

किसान राजेंद्र सिंह ने बताया कि तिल, उड़द और धान की फसल खराब हो गई है. धान में इल्ली लगने से भी नुकसान हुआ है. इसके अलावा महिला किसान सुमित्रा बाई ने कहा कि फसल खराब होने के बाद अब परिवार चलाने के लिए सरकार से मदद की उम्मीद है.  एक अन्य किसान राजकुमार बागरी ने बताया कि खेत की फसल खराब हो गई है और उन्होंने सरकार से मुआवजे की मांग की है.

प्रशासन की नजर नदी और निचले इलाकों पर

लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस हालात पर नजर रख रहे हैं. खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. फिलहाल किसानों की नजर अब बारिश रुकने और सरकार की ओर से होने वाले फसल नुकसान के सर्वे पर है. सर्वे के बाद ही पता चलेगा कि बारिश और जलभराव से जिले में फसलों को कितना नुकसान हुआ है. (दिलीप शर्मा की रिपोर्ट)

MORE NEWS

Read more!