विदेशी तेल की कमी से सरसों की बढ़ी मांगदेशभर की कृषि मंडियों में जुलाई 2026 के दौरान सरसों के दामों में राज्यवार बड़ा अंतर देखने को मिला है. कई राज्यों में सरसों के भाव पिछले साल और पिछले महीने की तुलना में मजबूत बने हुए हैं, जबकि कुछ किस्मों में गिरावट भी दर्ज की गई है. आंकड़े बताते हैं कि सरसों की कीमतें 6,500 रुपये से लेकर 11,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई हैं, जिससे बाजार में क्षेत्रीय मांग और आपूर्ति की स्थिति साफ दिखाई देती है.
देश के प्रमुख सरसों उत्पादक राज्य राजस्थान में सरसों का औसत भाव 7,524.40 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया. यह जून 2026 के मुकाबले 2.3 फीसदी और जुलाई 2025 की तुलना में 12.6 फीसदी अधिक है.
राजस्थान में 100 किलो बिग सरसों का भाव 7,574.27 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जो एक महीने में 4.8 फीसदी बढ़ा है. वहीं सरसों (ब्लैक) 7,156.78 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई, जिसमें मासिक आधार पर 1.7 फीसदी और सालाना आधार पर 8 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई.
मध्य प्रदेश में सामान्य सरसों का औसत भाव 7,362.85 रुपये प्रति क्विंटल रहा. यह जून की तुलना में 1.2 फीसदी और पिछले साल की तुलना में 10.7 फीसदी अधिक है.
हालांकि अन्य श्रेणी की सरसों में गिरावट देखने को मिली. इस श्रेणी का भाव 5,943.51 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जो पिछले महीने की तुलना में 18.8 फीसदी और सालाना आधार पर 12.3 फीसदी कम है. इससे पता चलता है कि क्वालिटी आधारित खरीद में अंतर बना हुआ है.
उत्तर प्रदेश में सरसों का औसत भाव 7,363.16 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज हुआ. मासिक आधार पर इसमें 0.1 फीसदी की मामूली वृद्धि हुई, लेकिन सालाना आधार पर 18.2 फीसदी की मजबूत तेजी रही.
सरसों (ब्लैक) का भाव 7,522.31 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 14.5 फीसदी अधिक है. इससे पता चलता है कि राज्य में सरसों की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है.
गुजरात की मंडियों में सरसों का औसत भाव 7,319.53 रुपये प्रति क्विंटल रहा. यह जून के मुकाबले 4 फीसदी और पिछले साल की तुलना में 15.1 फीसदी अधिक है.
हालांकि सरसों (ब्लैक) में 7.8 फीसदी की मासिक गिरावट दर्ज की गई, जबकि 100 किलो बिग सरसों और राय यूपी किस्म के भाव में क्रमशः 4 और 5.1 फीसदी की वृद्धि हुई. राय यूपी का भाव 8,905.23 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा, जो सालाना आधार पर 21 फीसदी अधिक है.
हरियाणा में सामान्य सरसों का भाव 7,415.47 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया. इसमें एक महीने के दौरान 2 फीसदी और एक साल में 12 फीसदी की वृद्धि हुई.
वहीं अन्य श्रेणी की सरसों 7,305.58 रुपये प्रति क्विंटल रही, जिसमें सालाना आधार पर 16.2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
छत्तीसगढ़ के आंकड़े सबसे ज्यादा चर्चा में रहे. यहां काली सरसों का भाव 11,500 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया. जून में इसका भाव 4,000 रुपये प्रति क्विंटल था. यानी एक ही महीने में 187.5 फीसदी की बड़ी वृद्धि दर्ज हुई.
सामान्य सरसों का भाव भी 6,702.48 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जो सालाना आधार पर 9.5 फीसदी अधिक है.
कर्नाटक में अन्य श्रेणी की सरसों 9,807.68 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई. यह जून के मुकाबले 14.2 फीसदी और पिछले साल की तुलना में 32.2 फीसदी अधिक है. यह देश में सालाना आधार पर सबसे मजबूत बढ़ोतरी वाले बाजारों में शामिल रहा.
तेलंगाना में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सरसों का भाव 6,455 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जो प्रमुख उत्पादक राज्यों के मुकाबले अपेक्षाकृत कम रहा.
दिल्ली में सरसों का भाव 7,234.90 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जो पिछले महीने से 0.6 फीसदी अधिक है.
पंजाब में सरसों 7,174.80 रुपये प्रति क्विंटल पर रही. यहां मासिक आधार पर 0.5 फीसदी की हल्की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन सालाना आधार पर 12.4 फीसदी की मजबूती बनी हुई है.
जुलाई 2026 के आंकड़े बताते हैं कि सरसों बाजार में कुल मिलाकर मजबूती का रुख बना हुआ है. राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में भाव 7,200 से 7,500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बने हुए हैं. दूसरी ओर कर्नाटक और छत्तीसगढ़ की कुछ विशेष किस्मों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली है. विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित आपूर्ति, तेल उद्योग की मांग और क्वालिटी आधारित खरीद के चलते आने वाले समय में सरसों के दामों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.
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