यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: गेहूं MSP में 160 रुपये की बढ़ोतरी, यहां चेक करें खरीद की नई डेट

यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: गेहूं MSP में 160 रुपये की बढ़ोतरी, यहां चेक करें खरीद की नई डेट

यूपी सरकार ने गेहूं के MSP में ₹160 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है. 25 मार्च से 15 जून 2026 तक 6500 केंद्रों पर खरीद होगी, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी.

किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की न हो असुविधाकिसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की न हो असुविधा
नवीन लाल सूरी
  • Lucknow,
  • Mar 23, 2026,
  • Updated Mar 23, 2026, 2:17 PM IST

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में 35 महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी गई. इस बैठक में सबसे बड़ा फैसला किसानों के हित में लिया गया, जिसमें सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 160 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाने को मंजूरी दी गई. 

बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने संयुक्त रूप से निर्णयों की जानकारी दी. इसमें बताया गया कि कैबिनेट बैठक में कुल 37 प्रस्ताव रखे गए जिनमें से दो प्रस्तावों को फिलहाल स्थगित कर दिया गया जबकि 35 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है.

गेहूं खरीदी पर बड़ा फैसला 

  • इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2585/क्विंटल भारत सरकार द्वारा निर्धारित.
  • गत वर्ष की तुलना में ₹160 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है.
  • 25 मार्च 2026 से 15 जून 2026 तक खरीद की जाएगी. राज्य के अंदर 8 क्रय एजेंसियों द्वारा खरीद की जाएगी. 6500 क्रय केंद्र सभी 75 जनपदों में चलेंगे.
  • एफसीआई,यूपी मंडी परिषद,पीसीएफ, पीसीयू,यूपीएसएस, नैफेड,एनसीसीएफ के माध्यम से खरीद की जाएगी.

वर्तमान गेहूं क्रय नीति के अनुसार खरीद अवधि 25 मार्च से 15 जून 2026 तक होगी. गेहूं क्रय केंद्र प्रातः 9:00 बजे से सायं 6:00 तक खुले रखे जाएंगे, लेकिन जिलाधिकारी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार क्रय केंद्र के खुलने और बंद होने के समय में आवश्यक परिवर्तन करने के लिए अधिकृत होंगे.

किसानों को मूल्य समर्थन योजना का अधिकाधिक लाभ दिलाने के उद्देश्य से किसान द्वारा क्रय केन्द्रों पर गेहूं लेकर आने की स्थिति में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं का क्रय सुनिश्चित किया जाएगा. खाद्य विभाग की विपणन शाखा सहित कुल 08 क्रय एजेंसियों के द्वारा कुल 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे.

रबी विपणन वर्ष 2026-27 में इलेक्ट्रानिक प्वाइंट ऑफ परचेज मशीन के माध्यम से किसानों के बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण द्वारा क्रय केंद्रों/मोबाइल क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद की जाएगी. मोबाइल क्रय केंद्रों पर होने वाली प्रत्येक खरीद का ई-पॉप डिवाइस द्वारा अक्षांश देशांतर भी कैप्चर किया जाएगा.

बटाईदार किसानों द्वारा भी पंजीकरण कराकर गेहूं की बिक्री की जा सकेगी. समस्त क्रय एजेसियों द्वारा किसानों से क्रय गेहूं के मूल्य का भुगतान भारत सरकार के PFMS पोर्टल के माध्यम से यथासंभव 48 घंटे के अंतर्गत उनके बैंक खाते में सुनिश्चित किया जाएगा.

गेहूं खरीद वर्ष 2026-27 के अंतर्गत पंजीकृत ट्रस्ट का भी गेहूं क्रय किया जाएगा. क्रय केंद्र पर ट्रस्ट के संचालक अधिकृत प्रतिनिधि का बायोमेट्रिक सत्यापन कराते हुए गेहूं क्रय किया जाएगा और भुगतान ट्रस्ट के बैंक खाते में पीपीए मोड के मध्यम से कराया जाएगा.

गेहूं का बंपर उत्पादन

यूपी में इस बार गेहूं की बंपर बुआई की गई है और 95 लाख हेक्टेयर रकबे में इसकी खेती हुई है. इस साल 425 लाख टन गेहूं उत्पादन का अनुमान है. पिछले खरीद सीजन में गेहूं का एमएसपी 2425 रुपये था जिसे इस बार बढ़ाया गया है और नया रेट 2585 रुपये निर्धारित किया गया है. पिछले सीजन में 5853 क्रय केंद्रों के जरिये दो लाख किसानों से 10.27 लाख टन गेहूं की खरीद की गई थी.

MORE NEWS

Read more!