UP: आम की बागवानी करने वाले किसानों ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह को सौंपा पत्र, सामने रखी ये बड़ी मांगें

UP: आम की बागवानी करने वाले किसानों ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह को सौंपा पत्र, सामने रखी ये बड़ी मांगें

Mango Cultivation: अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति के महासचिव उपेंद्र सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के आम उत्पादक किसानों का एक संगठित समूह है, जो विशेष रूप से अवध क्षेत्र के बागवानों के हितों की रक्षा, उन्नत बागवानी तकनीकों के प्रसार तथा किसानों की आय वृद्धि के उद्देश्य से कार्यरत है.

mango farmers union of lucknow given letter to central agriculture minister shivraj singh chouhanआम उत्पादक एवं बागवानी समिति ने सौंपा मंत्री शिवराज सिंह चौहान को मांग पत्रmango farmers union of lucknow given letter to central agriculture minister shivraj singh chouhanआम उत्पादक एवं बागवानी समिति ने सौंपा मंत्री शिवराज सिंह चौहान को मांग पत्र
नवीन लाल सूरी
  • LUCKNOW,
  • May 08, 2026,
  • Updated May 08, 2026, 9:37 AM IST

यूपी की राजधानी लखनऊ के मलिहाबादी, लंगड़ा, दशहरी, चौसा जैसे कई किस्म के आम पूरे देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में अपनी खासियत और स्वाद के लिए जाने जाते हैं. यहां बड़े पैमाने पर किसान मलीहाबादी दशहरी आम की बागवानी करते है. इसी क्रम में अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति की ओर से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को प्रमुख मांगों का एक ज्ञापन सौंपा गया. अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति के महासचिव उपेंद्र सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के आम उत्पादक किसानों का एक संगठित समूह है, जो विशेष रूप से अवध क्षेत्र के बागवानों के हितों की रक्षा, उन्नत बागवानी तकनीकों के प्रसार तथा किसानों की आय वृद्धि के उद्देश्य से कार्यरत है.

हमारी समिति किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, बाजार संपर्क, तथा मूल्य संवर्धन के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है. उन्होंने बताया कि आम उत्पादन से जुड़े लाखों किसान विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. इसलिए उनके हित में निम्नलिखित सुझाव आपके सामने रखे जा रहे हैं.

1. आम उत्पादक किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत शामिल किया जाए, जिससे प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई हो सके.

2. आम बागवानी में उपयोग होने वाले उपकरण जैसे मैंगो प्रोटेक्शन बैग, हार्वेस्टर, कॉरुगेटेड बॉक्स, प्लास्टिक क्रेट, फ्रूट फ्लाई ट्रैप एवं ग्लू ट्रैप को कृषि इनपुट घोषित कर जीएसटी से मुक्त किया जाए.

3. एक राज्य से दूसरे राज्य में आम भेजने हेतु परिवहन (भाडा) पर सब्सिडी प्रदान की जाए, जिससे अंतरराज्यीय विपणन को बढ़ावा मिले.
4. आम के सुरक्षित परिवहन के लिए दुर्घटना की स्थिति में विशेष बीमा योजना लागू की जाए.

5. वैज्ञानिक विधि से बागों की कटाई-छंटाई (प्रूनिंग) को बढ़ावा दिया जाए तथा इससे प्राप्त लकड़ी के परिवहन पर टीपी परमिट से छूट दी जाए.

6. उन्नत एवं निर्यातोन्मुख किस्मों को बढ़ावा देने के लिए टॉप वर्किंग (ग्राफ्टिंग) को सरकारी योजनाओं के अंतर्गत प्रोत्साहित किया जाए.

7. आम उत्पादक किसानों के लिए विपणन प्रोत्साहन एवं पैकेजिंग, ग्रेडिंग और ब्रांडिंग पर सब्सिडी प्रदान की जाए.

8. 'अप मांगो' ब्रांड के प्रचार हेतु अन्य राज्यों के साथ सरकारी स्तर पर समझौते किए जाएं तथा जी टैग वाले आमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए.

9. भारतीय रेल के माध्यम से किसान रेल एवं कोल्ड चेन/रीफर लॉजिस्टिक्स को प्राथमिकता दी जाए एवं मलिहाबाद रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों का टहराव की व्यवस्था की जाए.

10. ए-नाम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसानों की भागीदारी बढ़ाकर उन्हें सीधे खरीदारों से जोड़ा जाए.

11. अपेडा के सहयोग से आम उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए विशेष योजनाएं चलाई जाएं.

12. आईसीएआर की जो नई प्रजातियां बाजार में खुले आम बेरोकटोक बिक रही हैं. वहीं, सीड एक्ट की तर्ज पर ऐसी कानूनी व्यवस्था होने की जरूरत है जोकि इसको व्यवस्थित कर सके.

सिंह का कहना है कि इन सुझावों के जरिए आम उत्पादक किसानों की आय में उल्लेखनीय वृ‌द्धि होगी तथा भारत के आम को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी. मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि इन सुझावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर आवश्यक नीतिगत कदम उठाने की कृपा करें.

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