यूपी में पहली बार गन्ना किसानों के लिए विकसित हुआ डिजिटल सिस्टम, यहां जानें कैसे मिलेगा फायदा?

यूपी में पहली बार गन्ना किसानों के लिए विकसित हुआ डिजिटल सिस्टम, यहां जानें कैसे मिलेगा फायदा?

UP News: उन्होंने बताया कि इस डिजिटल पहल का उद्देश्य बीज वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और किसानों को बिचौलियों से बचाना है.पोर्टल पर केवल विभाग द्वारा स्वीकृत और रोगरोधी गन्ना किस्मों का ही विवरण दिया गया है, जिससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज मिल सके.

first time digital system developed for sugarcane farmers in uttar pradesh first time digital system developed for sugarcane farmers in uttar pradesh
क‍िसान तक
  • LUCKNOW,
  • Apr 13, 2026,
  • Updated Apr 13, 2026, 6:20 AM IST

Sugarcane Farmer: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार गन्ना किसानों के हितों लगातार नए- नए निर्णय ले रही हैं. इसी क्रम में प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है.प्रदेश की अपर मुख्य सचिव, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास वीना कुमारी ने बताया है कि गन्ना बुवाई के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए गन्ना किसानों को स्वस्थ व रोगरोधी उन्नत प्रजाति के प्रमाणित गन्ना बीज उपलब्ध कराना विभाग की पहली प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि गन्ना विकास विभाग ने पहली बार एक ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की है, जिसके जरिए किसान अपने क्षेत्र में उपलब्ध गन्ना बीज, उसकी किस्म और स्टॉक की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं. डिजिटल प्रणाली के जरिए किसान घर बैठे ही गन्ना बीज किस्मों का चयन एवं उपलब्धता की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

गन्ना बीज की सटीक जानकारी

एसीएस वीना कुमारी ने बताया कि किसान www.enquiry.caneup.in और www.enquiry.upcane.in वेबसाइट पर जाकर ‘बीज’ टैब के माध्यम से पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं.  इस पोर्टल पर नजदीकी बीज धारक किसानों, चीनी मिलों और सरकारी नर्सरियों में उपलब्ध गन्ना बीज की सटीक स्थिति दिखाई जाती है.

किसानों को बिचौलियों से बचाना

उन्होंने बताया कि इस डिजिटल पहल का उद्देश्य बीज वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और किसानों को बिचौलियों से बचाना है.पोर्टल पर केवल विभाग द्वारा स्वीकृत और रोगरोधी गन्ना किस्मों का ही विवरण दिया गया है, जिससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज मिल सके.

टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी

वहीं, किसानों को बीज के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा. यदि किसी गन्ना किसानों को ऑनलाइन पोर्टल चलाने में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे वेबसाइट पर दिए गए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-121-3203 या अपने क्षेत्रीय गन्ना पर्यवेक्षक से संपर्क कर मदद ले सकता हैं. इस पहल से समय और लागत दोनों की बचत होगी.

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