
भारत की भिंडी यानी लेडीज़ फिंगर के बीजों को अब इजरायल में बेचने का रास्ता साफ हो गया है. इजराइल ने भारतीय भिंडी के बीजों के आयात की अनुमति दे दी है, लेकिन इसके लिए एक खास परमिट सिस्टम लागू किया गया है. यानी अब निर्यात तो संभव है, लेकिन तय नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा. भारत की कृषि निर्यात से जुड़ी संस्था APEDA ने जानकारी दी है कि उसे इजराइल की संस्था NPPO से आधिकारिक सूचना मिली है. इस सूचना के अनुसार, भारतीय भिंडी के बीजों को इजराइल में निर्यात करने की अनुमति दी गई है.
हालांकि, इसके साथ एक महत्वपूर्ण शर्त भी जोड़ी गई है. जब भी भारत से भिंडी के बीज इजराइल भेजे जाएंगे, तो उनके साथ फाइटोसैनिटरी सर्टिफिकेट (पौधों की सुरक्षा से जुड़ा प्रमाण पत्र) देना होगा. इस प्रमाण पत्र पर एक अतिरिक्त घोषणा भी शामिल करनी होगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि बीज किसी खतरनाक बीमारी से संक्रमित नहीं हैं.
जांच के दौरान यह पाया गया है कि भारत के भिंडी बीज फ्यूजेरियम और Okra Leaf Curl Virus जैसी गंभीर बीमारियों से मुक्त हैं. यही वजह है कि इजराइल ने इनके आयात को मंजूरी दी है. अधिकारियों का कहना है कि यह भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ा अवसर है, लेकिन उन्हें सभी नियमों का सख्ती से पालन करना होगा.
इजराइल ने अपने आयातकों के लिए भी एक शर्त रखी है. अगर कोई आयातक भारत से भिंडी के बीज मंगवाना चाहता है, तो उसे पहले 'आयात परमिट' लेना अनिवार्य होगा. बिना परमिट के बीजों का आयात नहीं किया जा सकेगा. अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो भारत पहले से ही भिंडी निर्यात में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. वर्ष 2024-25 में भारत ने करीब 6,504 टन भिंडी (बीज सहित) का निर्यात किया, जिसकी कुल कीमत लगभग 6.44 मिलियन डॉलर (करीब ₹54.85 करोड़) रही. इस दौरान जर्मनी सबसे बड़ा खरीदार देश रहा.
वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल से जनवरी) के बीच भारत ने करीब 4,841 टन भिंडी का निर्यात किया, जिसकी कीमत लगभग 4.47 मिलियन डॉलर (करीब ₹39 करोड़) रही. जर्मनी के अलावा नेपाल, यूएई, यूके, भूटान, कुवैत, कतर और सिंगापुर भी भारत की भिंडी के प्रमुख खरीदार देशों में शामिल हैं. अब इजराइल के बाजार के खुलने से भारतीय किसानों और निर्यातकों को एक नया और बड़ा अवसर मिल सकता है.