बारिश ने बढ़ाई किसानों की टेंशन! यूपी के 23 जिलों में बाढ़, फसलें हो रहीं बर्बाद

बारिश ने बढ़ाई किसानों की टेंशन! यूपी के 23 जिलों में बाढ़, फसलें हो रहीं बर्बाद

उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से 23 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. कई जगह खेत और फसलें पानी में डूब गई हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. प्रशासन ने राहत-बचाव के लिए नाव, मेडिकल टीम और राहत शिविर लगाए हैं.

यूपी में बाढ़ का बड़ा अलर्ट!यूपी में बाढ़ का बड़ा अलर्ट!
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Sep 03, 2026,
  • Updated Sep 03, 2026, 12:14 PM IST

उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. इसका असर किसानों और खेती पर भी पड़ रहा है. कई इलाकों में खेतों में पानी भरने से कृषि भूमि और गांवों तक जाने वाले रास्ते डूब गए हैं. प्रशासन ने अब तक 16,784 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, जबकि बुधवार को ही 3,042 लोगों को बचाया गया. बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत भी हुई है. फिलहाल राज्य के 23 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं.

कई जिलों में बाढ़ का असर

उत्तर प्रदेश में अब तक 35 जिले बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं, जिनमें से 23 जिलों में अभी भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. प्रभावित जिलों में अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, रायबरेली, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, सोनभद्र, उन्नाव और वाराणसी शामिल हैं.

बारिश से तीन लोगों की मौत

लगातार बारिश के बीच प्रदेश में तीन लोगों की जान गई है. प्रतापगढ़ में 18 महीने के बच्चे प्रियांश की कच्चा मकान गिरने से मलबे में दबकर मौत हो गई. वहीं अमरोहा के गजरौला में तेज बारिश के दौरान एक दुकान की छत का हिस्सा गिरने से शेरा और सुरेश की मौत हो गई. प्रशासन इन घटनाओं के कारणों की जांच कर रहा है.

चित्रकूट में 150 लोगों का रेस्क्यू

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी अचानक बढ़ने के बाद चौरा गांव में करीब 150 लोग फंस गए थे. प्रशासन और पीएसी की 42वीं बटालियन की बाढ़ राहत टीम ने मोटरबोट की मदद से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. प्रभावित लोगों को खाना, राहत सामग्री और जरूरी चिकित्सा सहायता भी दी गई.

बलिया में हजारों लोग प्रभावित

बलिया बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है. यहां गंगा और सरयू नदी का पानी बढ़ने से सदर, बैरिया और बांसडीह तहसील के गांवों और शहरी इलाकों में करीब 20,500 लोग प्रभावित हुए हैं. राहत और बचाव के लिए 83 नावें चलाई जा रही हैं. प्रशासन की ओर से राशन, दवाइयां और पका हुआ खाना भी लोगों तक पहुंचाया जा रहा है. पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए चारे की व्यवस्था भी की गई है.

किसानों की जमीन पानी में डूबी

बाढ़ का सीधा असर किसानों पर भी दिखाई दे रहा है. कई जिलों में नदी किनारे की कृषि भूमि पानी में डूब गई है. पीलीभीत में शारदा नदी के बढ़ते पानी के कारण खेतों और गांवों तक जाने वाले रास्तों में पानी भर गया है. इससे किसानों के सामने फसलों को बचाने की चुनौती बढ़ गई है. प्रशासन ने किसानों और ग्रामीणों को भारी बारिश के दौरान खेतों में जाने से बचने की सलाह दी है.

पीलीभीत में स्कूल बंद, 18 गांवों का संपर्क टूटा

पीलीभीत में शारदा, देवहा और खकरा नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है. बनबसा बैराज से शारदा नदी में दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया, जबकि नानक सागर बांध से देवहा नदी में 30 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया. स्थिति को देखते हुए कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों को हालात सामान्य होने तक बंद रखने का आदेश दिया गया है. खकरा नदी पर बना पुल पानी में डूबने से करीब 18 गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है.

लखीमपुर खीरी में कटाव बढ़ा

लखीमपुर खीरी में मोहाना नदी के कटाव से परेशानी बढ़ गई है. जिलाधिकारी ने गिरिजा बैराज क्षेत्र में बाढ़ और कटाव से बचाव के काम का निरीक्षण किया. अधिकारियों को लगातार काम करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही, पानी से प्रभावित क्षेत्र में करीब एक दर्जन घरों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की तैयारी की गई है. प्रशासन का कहना है कि ग्रामीणों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है.

राहत और बचाव के लिए बड़ी तैयारी

राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम तेज कर दिया है. अब 1,499 नाव और मोटरबोट तथा 1,067 मेडिकल टीमें काम कर रही हैं. बड़ी संख्या में राहत शिविर भी बनाए गए हैं, जहां जरूरतमंद लोगों के रहने, खाने और इलाज की व्यवस्था की जा रही है. प्रशासन कमजोर और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है.

4 सितंबर तक बारिश को लेकर अलर्ट

गाजियाबाद में मौसम विभाग ने 4 सितंबर तक भारी बारिश और बिजली गिरने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. लोगों को बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने और जर्जर इमारतों, पेड़ों तथा बिजली के तारों से दूर रहने की सलाह दी गई है. किसानों से भी भारी बारिश या ओलावृष्टि के दौरान खेतों में जाने से बचने को कहा गया है. उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति लगातार प्रशासन की निगरानी में है. नदियों के जलस्तर, बारिश और प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. आने वाले दिनों में बारिश और नदी के पानी की स्थिति बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए बेहद अहम रहेगी.

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