
मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन (जायद) मूंग की सरकारी खरीद इस साल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. केंद्र सरकार ने 5,39,072 मीट्रिक टन मूंग खरीद की मंजूरी दी थी, जिसके मुकाबले 5.33 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा उपज की खरीदी हो चुकी है. केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को बैठक में खरीद की समीक्षा की. केंद्र ने पहले मध्य प्रदेश के लिए 4,54,580 मीट्रिक टन मूंग खरीद की मंजूरी दी थी. किसानों के हित को देखते हुए बाद में 84,492 मीट्रिक टन की अतिरिक्त मात्रा मंजूर की गई. इससे कुल मंजूर खरीद सीमा बढ़कर 5,39,072 मीट्रिक टन हो गई. चौहान ने कहा कि खरीद मंजूर लिमिट के भीतर पूरी हुई और सभी इच्छुक रजिस्टर्ड किसानों से उपलब्ध मूंग खरीदी गई.
कृषि मंत्री ने बताया कि मूंग की खरीद मुख्य रूप से NAFED और NCCF के जरिए की गई. सरकारी खरीद से किसानों को अपनी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर उचित मूल्य मिला. चौहान ने कहा कि समय पर खरीद और भुगतान से किसानों को सीधा लाभ मिला है.
जायद सीजन 2025 में मध्य प्रदेश के लिए 4,19,692 मीट्रिक टन खरीद की मंजूरी थी, जबकि 3,93,123.79 मीट्रिक टन मूंग खरीदी गई थी. इस साल मंजूर मात्रा के साथ वास्तविक खरीद में भी बढ़ोतरी हुई है. सरकार ने इसे किसानों को मिल रहे बेहतर बाजार समर्थन का संकेत बताया है.
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना यानी RWBCIS के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई. राज्य सरकार को योजना की टर्म-शीट उपलब्ध करा दी गई है और इसके जल्द क्रियान्वयन का आग्रह किया गया है.
बैठक में WINDS प्रणाली को मध्य प्रदेश में लागू करने की प्रगति की भी समीक्षा की गई. इसके अलावा फसल बीमा के तहत तकनीक आधारित उपज आकलन को अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई. केंद्र ने क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट को फिर से अपनाने और तकनीकी मॉडल के आंकड़ों की जमीनी स्तर पर पुष्टि के लिए ब्लेंडेड एप्रोच पर जोर दिया.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों के हित में खरीद, भुगतान और फसल बीमा व्यवस्था को और मजबूत करेंगे. उन्होंने कहा कि समय पर खरीद, MSP का लाभ और प्रभावी बीमा व्यवस्था किसानों की आय और सरकारी व्यवस्था पर उनके भरोसे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण है.