
बिहार में खरीफ फसलों की बुवाई का ताजा आंकड़ा जारी कर दिया गया है. कृषि विभाग द्वारा 25 अगस्त 2026 शाम 4 बजे तक जुटाई गई रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में मक्का की बुवाई 26.12 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हो चुकी है. यह निर्धारित लक्ष्य 26.95 लाख हेक्टेयर का करीब 97 प्रतिशत है.
रिपोर्ट से स्पष्ट है कि इस साल भी बिहार में धान के बाद मक्का किसानों की सबसे प्रमुख खरीफ फसलों में शामिल है. कई जिलों में बुवाई लक्ष्य से अधिक दर्ज की गई है, जबकि कुछ जिले अभी भी लक्ष्य से काफी पीछे हैं.
मक्का बुवाई के मामले में बेगूसराय राज्य में पहले स्थान पर है. जिले में 51,709 हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 52,584 हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी है, जो 102 प्रतिशत उपलब्धि है।
इसके बाद भागलपुर में 43,063 हेक्टेयर, समस्तीपुर में 22,332 हेक्टेयर, पूर्वी चंपारण में 14,499 हेक्टेयर और वैशाली में 12,525 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का बोया गया है।
हालांकि राज्य की तस्वीर अच्छी है, लेकिन कुछ जिलों में मक्का बुवाई अपेक्षाकृत कमजोर रही है.
इन जिलों में मौसम, स्थानीय फसल पैटर्न या किसानों की प्राथमिकताओं के चलते मक्का का रकबा लक्ष्य से कम रहा.
राज्य में मक्का बुवाई का लक्ष्य 26,95,581 हेक्टेयर रखा गया था. इसके मुकाबले 26,12,238 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई पूरी हो चुकी है. यानी लक्ष्य का 97 प्रतिशत हासिल कर लिया गया है.
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सितंबर में मौसम सामान्य रहता है तो बिहार में मक्का उत्पादन अच्छा रहने की संभावना है. हालांकि जिन जिलों में बुवाई लक्ष्य से पीछे रही है, वहां उत्पादन पर असर पड़ सकता है. राज्य के उत्तर और पूर्वी हिस्सों के कई जिले इस बार भी मक्का उत्पादन के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं, जबकि बेगूसराय ने लगातार सबसे बड़े मक्का उत्पादक जिले के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है.