
देश के कई राज्यों में बेमौसम बारिश का कहर जारी है. इस बीच, बिहार के भी कई जिलों में बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है. ऐसा हाल मुजफ्फरपुर जिले में देखने को मिला, जहां शुक्रवार से हो रही लगातार बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. इस बेमौसम बारिश में गेहूं, आलू और लीची की फसल को भारी नुकसान हुआ है. वहीं, कई इलाकों में खड़ी फसल जमीन पर गिर गई है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
मुजफ्फरपुर के औराई प्रखंड में लीची के मंजर के समय हुई बारिश ने उत्पादन पर बड़ा असर डाला है. किसानों का कहना है कि इस समय परागण होता है और बारिश से फसल को भारी नुकसान हुआ है. वहीं, काटी प्रखंड में आलू की तैयार फसल की खुदाई चल रही थी, लेकिन बारिश ने पूरी मेहनत बर्बाद कर दी. खेतों में पानी भरने से आलू खराब हो रहे हैं. इसके अलावा कटरा प्रखंड के खंगुरा इलाके में तेज आंधी और ओलावृष्टि ने सैकड़ों एकड़ में लगी गेहूं और मसूर की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. साथ ही खेतों में खड़ी फसल अब जमीन पर बिछ चुकी हैं.
औराई के लीची किसान वीरेंद्र राय ने बताया कि अभी लीची में मंजर का समय है, इसी समय परागण होता है. बारिश होने से काफी नुकसान हुआ है. ऐसे में इस बार उत्पादन पर असर पड़ेगा. वहीं, काटी के किसान इंद्रजीत शाही ने कहा कि आलू का अंतिम सीजन चल रहा था और खुदाई हो रही थी. लेकिन अचानक बारिश ने पूरी फसल खराब कर दी जिससे भारी नुकसान हुआ है.
एक अन्य किसान ऋषि चौधरी ने बताया कि 6 एकड़ में गेहूं और मसूर लगाया था, लेकिन ओलावृष्टि ने सब खत्म कर दिया. अब कर्ज कैसे चुकाएंगे, समझ नहीं आ रहा है. वहीं, एक और किसान रामा राय ने बताया कि 5 बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह गिर गई है. अच्छी फसल की उम्मीद थी, बेटी की शादी के लिए सोचा था, लेकिन सब बर्बाद हो गया. साथ ही किसान सुनील चौधरी ने कहा कि 4 बीघा में गेहूं लगाया था, 50 हजार कर्ज लेकर खेती की थी. बारिश से सब खराब हो गया, बहुत दुख है.
इसके अलावा सहरसा जिले में बीते शुक्रवार की रात आंधी के साथ हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि और बिन मौसम बरसात ने जिले के किसानों का कमर तोड़कर रख दिया है. तेज आंधी और ओलावृषि ने खेतों में उनके लहलहाते गेहूं, मक्का, तिलहन और दलहन के फसल को क्षतिग्रस्त कर दिया है. इन फसलों के पौधे खेतों में दूर-दूर तक गिरे दिखाई दे रहे हैं. गेहूं की फसल भी खेतों में गिरे गए हैं. जिले के कहरा प्रखंड के भरौली में लगे रबी फसलों का कमोबेश यही हाल है. किसानों का कहना है कि वह लोन और ब्याज पर पैसा लेकर खेती किए थे, लेकिन आंधी और ओलावृष्टि ने उनके फसल को क्षतिग्रस्त कर दिया. बारिश ने उनके परेशानियों को बढ़ा दिया है. वहीं, किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है. अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस आपदा में किसानों को कितनी राहत दे पाता है. (मणिभूषण शर्मा और धीरज कुमार सिंह की रिपोर्ट)