
विश्व में अपनी मिठास के लिहाज से मशहूर लखनऊ के मलिहाबादी दशहरी आम की पहचान GI टैग प्राप्त ब्रांड के रूप में है. वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी गुणवत्ता और मिठास की धाक है. इसी क्रम में उप्र कृषि निर्यात नीति के तहत लखनऊ मंडल के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने राजधानी लखनऊ में आम के निर्यात क्लस्टर का गठन कर आम निर्यात बढ़ाने निर्देश अधिकारियों को दिए है. उन्होंने मलिहाबादी दशहरी आम को ओडीओपी में शामिल करने के लिए एमएसएमई विभाग को कार्यवाही के निर्देश दिए है.
मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि दशहरी आम उत्पादन में निर्यात गुणवत्ता के आम का प्रतिशत बढ़ाने के लिए अपनाये जाने वाले उपायों की एसओपी बनाकर आम उत्पादकों को प्रशिक्षित आवश्यक है. साथ ही सफल निर्यात की 'सक्सेस स्टोरी' बनाकर प्रोत्साहित किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि आयात देशों के मानकों के अनुसार पेस्टीसाइड रेजीड्यू (Pesticide residue) अनुपालन के लिए कृषि उत्पादकों को आईपीएम (Intrigated Pest Management) का प्रशिक्षण दिलाये जाने, उन्नाव में पैक हाउस बनाने की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए.
इस दौरान बैठक में शामिल निर्यातकों ने लखनऊ एयरपोर्ट पर फ्लाइट में पर्याप्त जगह न मिलने की समस्या की जानकारी दी. जिस पर मंडलायुक्त पंत द्वारा एयरलाइन्स के साथ बातचीत कर समाधान करने का आश्वासन दिया गया. मंडलायुक्त द्वारा मलिहाबादी दशहरी आम को ओडीओपी में सम्मिलित करने के लिए एमएसएमई विभाग से समन्वय कर कार्यवाही के निर्देश दिए.
बता दें कि लखनऊ का वर्ल्ड फेमस मलिहाबादी दशहरी आम की डिमांड विदेशों में भी है. वहीं, 30 हजार हेक्टेयर में फैले फलपट्टी क्षेत्र मलिहाबाद में औसतन 4 से 5 लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन प्रतिवर्ष होता है, जिससे हजारों करोड़ का लाभ क्षेत्र के बागवानों सहित इससे जुड़े काम करने वाले लोगों को मिलता है.
विश्व में अपनी मिठास के लिहाज से मशहूर मलिहाबादी दशहरी आम की मांग उत्तर प्रदेश से कहीं ज्यादा मांग देश-विदेश में है.
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