कर्नाटक में 23 और तहसीलें सूखाग्रस्त घोषित, फसल नुकसान के सर्वे पर सामने आया अपडेट

कर्नाटक में 23 और तहसीलें सूखाग्रस्त घोषित, फसल नुकसान के सर्वे पर सामने आया अपडेट

कर्नाटक सरकार ने खरीफ 2026 में 23 और तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया है. इसके साथ ही राज्य में सूखाग्रस्त तालुकों की संख्या बढ़कर 124 हो गई है. नए घोषित क्षेत्रों में 21 गंभीर और दो मध्यम सूखाग्रस्त हैं.

karnataka Drought situation 23 more taluk includedkarnataka Drought situation 23 more taluk included
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Sep 17, 2026,
  • Updated Sep 17, 2026, 3:34 PM IST

कर्नाटक सरकार ने खरीफ सीजन 2026 में 23 और तालुकों (तहसील) को सूखाग्रस्त घोषित किया है. इसके साथ ही राज्य में सूखाग्रस्त घोषित तालुकों की संख्या बढ़कर 124 हो गई है. सरकार ने यह कदम राज्य के कई हिस्सों में लगातार बने सूखे मौसम और बारिश की कमी को देखते हुए उठाया है. राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन प्रभाग ने गुरुवार, 17 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी किया. यह फैसला कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र (KSNDMC) की विस्तृत रिपोर्ट और जमीनी सत्यापन के आधार पर लिया गया है. इससे पहले 27 अगस्त को सरकार ने पहले चरण में 101 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया था.

214 गांवों में हुआ जमीनी सर्वे

राज्य में बाकी 139 तालुकों की स्थिति का वैज्ञानिक आकलन करने के लिए KSNDMC ने सर्वे किया. प्राकृतिक आपदा संबंधी कैबिनेट उपसमिति के निर्देश पर 24 तालुकों के 214 गांवों में मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए जमीनी सत्यापन किया गया. यह उपसमिति उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर की अध्यक्षता में काम कर रही है. सत्यापन और विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर अब 23 नए तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है.

21 तालुका गंभीर, दो मध्यम श्रेणी में

नए घोषित 23 तालुकों में 21 को गंभीर सूखाग्रस्त और दो को मध्यम सूखाग्रस्त श्रेणी में रखा गया है. यह घोषणा तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और छह महीने तक प्रभावी रहेगी. गंभीर सूखाग्रस्त घोषित किए गए 21 तालुकों में तुमकुरु जिले का टिपटूर, कोप्पल का करटगी, रायचूर के मानवी, सिंधनूर और सिरवार शामिल हैं. कलबुर्गी जिले के अफजलपुर, अलंद, चित्तापुर, कलबुर्गी, यादगि‍र, यादरामी और शाहाबाद को इस सूची में रखा गया है. 

इसके अलावा बीदर के भालकी, विजयपुरा के बसवन बागेवाड़ी, बाबलेश्वर और टिकोटा, हावेरी का रट्टीहल्लि और धारवाड़ जिले के हुब्बल्ली, नवलगुंद, हुबली सिटी और अन्निगेरी को गंभीर सूखाग्रस्त घोषित किया गया है. चिक्कमगलुरु जिले का कडूर भी इस श्रेणी में शामिल है. कोडागु जिले के पोन्नमपेट और विराजपेट को मध्यम सूखाग्रस्त घोषित किया गया है. इन क्षेत्रों में भी सूखे की स्थिति के आधार पर राहत और जरूरी कदम उठाए जाएंगे.

फसल नुकसान का सर्वे जल्द होगा

सरकार ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के प्रमुख संबंधित उपायुक्तों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के दिशा-निर्देशों के अनुसार राहत और बचाव संबंधी उपाय करने का अधिकार दिया है. कृषि आयुक्त, बागवानी निदेशक और संबंधित उपायुक्तों को मिलकर फसल नुकसान का सर्वे कराने और जल्द से जल्द राहत आकलन रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.

हर हफ्ते की जाएगी सूखे की समीक्षा

राज्‍य सरकार ने कहा कि KSNDMC राज्य में सूखे की स्थिति की हर हफ्ते समीक्षा करेगा. सितंबर में सामान्य से कम बारिश होने के पूर्वानुमान को देखते हुए स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी. पात्रता के आधार पर अन्य तालुकों को भी चरणबद्ध तरीके से सूखाग्रस्त घोषित किया जा सकता है. (पीटीआई)

MORE NEWS

Read more!