
महाराष्ट्र में कम बारिश और सूखे जैसे हालात से परेशान किसानों के लिए राज्य सरकार ने राहत का भरोसा दिया है. दरअसल, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि राज्य में फसल नुकसान का सर्वे 5 अक्टूबर के बाद कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि किसानों को नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड NDRF से मदद मिलने में समय लग सकता है, इसलिए राज्य सरकार उससे पहले अपने संसाधनों से किसानों को आर्थिक सहायता देगी. मुख्यमंत्री ने यह बात छत्रपति संभाजीनगर में हैदराबाद मुक्ति संग्राम दिवस के कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान कही.
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रकांत बावनकुले के मुताबिक, कम बारिश के कारण राज्य के 18 जिलों में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं. उनका कहना है कि राज्य के करीब आधे किसान इस समय बारिश की कमी से प्रभावित हैं. वहीं, मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सरकार ने फसल नुकसान के सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है. नियमों के अनुसार 5 अक्टूबर के बाद खेतों में जाकर पंचनामा यानी फसल नुकसान का आकलन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को मुश्किल समय में अकेला नहीं छोड़ेगी और हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी.
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, धाराशिव जिले में करीब 80 दिनों तक बारिश नहीं हुई. इससे फसलों को भारी नुकसान होने का अनुमान है. रिपोर्ट में फसल नुकसान 80 से 85 प्रतिशत तक होने की संभावना जताई गई है. बारिश की कमी का असर फसलों के फूल आने और फलियां बनने के समय पड़ा. खेतों में नमी कम होने से दाने बनने और उनके विकास पर भी असर पड़ा है. गंभीर स्थिति में कई किसान सूखे पौधों को मवेशियों के चारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री फडणवीस ने किसानों को बड़ी राहत देने की घोषणा भी की. उन्होंने कहा कि किसानों पर बकाया 48,000 करोड़ रुपये का बिजली बिल माफ किया जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को मुफ्त बिजली भी दे रही है. साथ ही, चारे और पीने के पानी की कमी से निपटने के लिए भी सरकार ने जरूरी इंतजाम किए हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मराठवाड़ा को लंबे समय से पानी की कमी का सामना करना पड़ता रहा है. सरकार इस समस्या को दूर करने के लिए कई परियोजनाओं पर काम कर रही है. उन्होंने बताया कि मराठवाड़ा में पानी पहुंचाने के प्रोजेक्ट का पहला चरण पूरा हो चुका है. बाढ़ नियंत्रण से जुड़ी एक परियोजना को विश्व बैंक से मंजूरी मिल गई है और अब टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इस परियोजना के जरिए करीब 30 TMC अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने की योजना है. इसका फायदा बीड, लातूर और धाराशिव जैसे इलाकों को मिलने की बात कही गई है.
इसके अलावा कोंकण से गोदावरी घाटी तक पानी पहुंचाने वाली नदी जोड़ो परियोजना की DPR अंतिम चरण में है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस परियोजना के जरिए गोदावरी घाटी में करीब 70 TMC पानी लाने की योजना है. परियोजना को पूरा होने में करीब सात साल लग सकते हैं. (PTI)