
तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं. पर्याप्त बारिश न होने के चलते खरीफ फसलों की खेती पर खतरा मंडरा रहा है. लेकिन अब जिले के किसानों ने सूखा-प्रतिरोधी ड्रैगन फ्रूट की खेती करना शुरू कर दिया है. कहा जा रहा है कि लगातार मॉनसून की आंख मिचौली ने किसानों को अपनी परंपरागत फसल को छोड़ने को मजबूर किया है. धर्मपुरी जिले में आम तौर पर औसतन लगभग 942 मिमी बारिश होती है. हालांकि, पिछले साल जिले में 636 मिमी से थोड़ी अधिक बारिश हुई और इस साल केवल 421.49 मिमी बारिश हुई. ऐसे में बारिश की कमी ने किसानों को परेशान किया और उन्हें वैकल्पिक विकल्पों की तलाश करने के लिए प्रेरित किया.
यही वजह है कि धर्मपुरी जिले के किसानों को ड्रैगन फ्रूट की खेती करने का फैसला लिया. द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मोरपुर के पास छत्रपट्टी गांव के एक किसान आर तमिलमणि ने बताया कि जिले के अधिकांश किसान धान, हल्दी, टैपिओका और अन्य फसलों की खेती करते हैं. उन्होंने कहा कि इन फसलों की खेती में अधिक सिंचाई की जरूरत होती है. लेकिन कम बारिश होने पर फसलों को नुकसान पहुंचता है. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. इसलिए, किसानों के लिए सही फसलों में निवेश करना ही एक विकल्प बच गया है. किसान आर तमिलमणि ने कहा कि यही वजह है कि मैंने ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की. हालांकि, यह फल कैक्टस पर उगता है, इसलिए इसे बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है और निवेश भी कम होता है.
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किसान आर तमिलमणि ने बताया कि बाजार में ड्रैगन फ्रूट की कीमत 150 रुपये प्रति किलोग्राम होने के कारण मुनाफा अधिक है. लेकिन, पौधे 40 से 50 रुपये प्रति फल बिकते हैं और प्रति किलोग्राम हमें 100 से 120 रुपये तक मिलते हैं. उन्होंने कहा कि एक एकड़ में किसान 1,000 पौधे उगा सकता है और प्रत्येक पौधे की कीमत लगभग 50 रुपये होती है और प्रत्येक पौधा 15 साल तक जीवित रह सकता है. यह बीमारियों और कीटों के प्रति भी प्रतिरोधी है.
अधियामनकोट्टई के एक अन्य किसान आर मुरली ने कहा कि ड्रैगन फ्रूट का फूलने का मौसम मई से अक्टूबर के बीच होता है और इस अवधि के दौरान, किसान को केवल पौधों को परागित करने की आवश्यकता होती है. प्रत्येक पौधा हर 30 दिनों में लगभग सात से आठ फल देगा और इसे हर हफ्ते केवल दो से तीन लीटर पानी की आवश्यकता होगी. एकमात्र निवेश ऊर्ध्वाधर समर्थन संरचना है, क्योंकि यह पौधा एक लता है. बागवानी विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि जिले में ड्रैगन फ्रूट लोकप्रियता हासिल कर रहा है. जिले में इस फल की खेती शुरू हुए अभी दो साल ही हुए हैं, लेकिन दर्जनों किसानों ने इसके उत्पादन में निवेश किया है. आने वाले सालों में उत्पादन में बढ़ोतरी हो सकती है.
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