
20 नवंबर को जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मधुबनी जिले के सकरी और दरभंगा जिले में स्थित रैयाम चीनी मिल का शिलान्यास करने आ रहे हैं. वहीं, इन दोनों जिलों में गन्ने की खेती के विस्तार को लेकर गन्ना उद्योग विभाग भी फसल विस्तार का अभियान चला रहा है. जिसका सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है. जिले के किसान चीनी मिल के खुलने की घोषणाओं के बीच काफी खुश नजर आ रहे हैं और फिर से गन्ने की खेती में रुचि दिखा रहे हैं. अभी तक करीब 9 हजार से ज्यादा किसानों ने गन्ने की खेती को लेकर और विभागीय योजनाओं का फायदा लेने के उद्देश्य से रजिस्ट्रेशन किया हैं.
बिहार में बंद चीनी मिलों के साथ 25 नई चीनी मिल शुरू करने की बात गन्ना विभाग की ओर से कही जा रही है. जिसके लिए विभाग गन्ना की खेती के विस्तार सहित इससे जुड़ी अन्य योजनाओं का लाभ देने के लिए किसानों को गन्ना विस्तार अभियान के तहत जोड़ने का कार्यक्रम चला रहा है. वहीं, दरभंगा जिले के सभी प्रखंडों और पंचायतों में किसानों का रजिस्ट्रेशन और सहकारिता समितियों की सदस्यता सुनिश्चित की जा रही है.
गन्ना किसानों की आईडी बनाने और सदस्यता के लिए विभाग की ओर से ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई गई है. जिसके तहत कृषि विभाग की ओर से जारी डी.बी.टी. आईडी के आधार पर किसान सी.सी.एस. पोर्टल (www.ccs.bihar.gov.in) पर जाकर अपनी गन्ना आईडी के लिए आवेदन करा सकते हैं.
वहीं, सी.सी.एस. पोर्टल पर गन्ना आईडी बनने के बाद ही किसान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं का समय से फायदा ले सकेंगे. विभागीय अधिकारी और जिला प्रशासन पंचायत स्तर पर लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं.
दरभंगा जिले में रैयाम और मधुबनी जिले के सकरी चीनी मिल के शिलान्यास की तारीख की घोषणा होने के बाद से ही आसपास के इलाकों के किसान काफी खुश हैं. उनका कहना है कि इन चीनी मिलों के एक बार फिर से खुलने से जहां खेती का विस्तार होगा. वहीं, कई तरह के रोजगार का भी सृजन होगा.
चीनी मिल से करीब 3 किलोमीटर दूर बनवारी पट्टी गांव के रहने वाले किसान रामकुमार साहू और राम प्रसाद कहते हैं कि चीनी मिल खुलने से कई तरह के रोजगार बढ़ने की संभावना है. वहीं, कभी बचपन में हमने इन इलाकों में गन्ना की खेती होते हुए देखा था. वह समय एक बार फिर आने की उम्मीद जग गई है.
हालांकि, किसान रामकुमार साहू कहते हैं कि चीनी मिल सही से चलने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे. पहले भी सरकार की लापरवाही की वजह से यह चीनी मिल बंद हुई थी. अब एक बार फिर सरकार की ओर से चीनी मिलों को शुरू करने की बात कही जा रही है तो यह जरूर कहना है कि सरकार इन चीनी मिलों को लेकर बेहतर प्रबंधन जरूर करे.