
बिहार के किसान अभी खरीफ सीजन की खेती से पूरी तरह फ्री भी नहीं हुए हैं. इस बीच, राज्य में गंगा के साथ अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ने से उनकी चिंता बढ़ गई है. बिहार में गंगा अपने प्रवेश स्थल बक्सर से लेकर राजधानी पटना सहित अन्य जिलों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. जिसकी वजह से गंगा किनारे सब्जियों की खेती प्रभावित हो रही है. दूसरी ओर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से बिहार में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को देखते हुए फरक्का बराज के सभी गेट खोलने का आग्रह किया है. राजधानी पटना में भी बीते दो दिनों से गंगा का जलस्तर बढ़ा है.
गंगा की ओर नजर गड़ाए हुए किसान उमेश महतो कहते हैं कि इस बार गंगा का पानी अचानक तेजी से बढ़ा है. बीते दो से तीन दिनों के दौरान गंगा के जलस्तर में काफी वृद्धि हुई है. यह कहते हैं कि इन्होंने भी करीब 7,000 रुपए बीघा जमीन किराए पर लेकर सब्जी की खेती की थी, लेकिन वह पूरी की पूरी फसल बर्बाद हो गई है.
वह आगे बताते हैं कि दियरा के इलाके में जो सब्जी बर्बाद हुई है, उसका असर बाजार पर देखने को मिलेगा और सब्जियों के दाम में इजाफा होगा, क्योंकि कुर्जी के इलाके में जब सब्जी होती है तो बाजार में सब्जियों के भाव कंट्रोल में रहते हैं, लेकिन जब यहां की फसल बर्बाद होती है तो दाम में तेजी से बढ़ोतरी होती है.
पटना शहर की गलियों में लॉरी पर सब्जी बेचने वाले फुटकर विक्रेता कहते हैं कि बीते तीन से चार दिनों के दौरान सब्जी के दामों में करीब ₹5 से ₹10 प्रति किलो तक वृद्धि हुई है. वहीं, अब धीरे-धीरे गंगा का जलस्तर जिस तरह से बढ़ रहा है, उसकी वजह से पटना सहित दीघा के इलाके में जो बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती होती है, वह प्रभावित हो रही है.
अगर गंगा का जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो आने वाले 5 से 6 दिनों में सब्जियों के दाम में और बढ़ोतरी होगी. हाल के समय में जहां भिंडी, नेनुआ, लौकी सहित अन्य सब्जियां आम लोगों के बीच ₹30 किलो के आसपास बिक रही हैं, वहीं प्याज ₹60 प्रति किलो तक बिक रहा है.
इधर, सीएम सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से फोन पर बातचीत में बिहार में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को देखते हुए फरक्का बराज के सभी गेट खोलने का आग्रह किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो रही है.
ऐसी परिस्थिति में फरक्का बराज के सभी गेट खोलने से गंगा नदी के जलप्रवाह को सुगम बनाने में मदद मिलेगी और बिहार में बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री को इस संबंध में त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया.