
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गौवंश संरक्षण को लेकर बड़ी पहल की है. इसी क्रम में प्रदेश के अपर मुख्य सचिव पशुधन मुकेश मेश्राम ने बताया कि प्रदेशभर में भूसा बैंक की स्थापना तेजी से की जा रही है. इन बैंकों के जरिए गौशालाओं को नियमित रूप से भूसा उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे निराश्रित गौवंश को भोजन के लिए भटकना न पड़े. उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि सभी जनपदों में संचालित गौआश्रय स्थलों पर संरक्षित गोवंश के लिए वर्ष भर भूसे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि गौशालाओं में ‘भूसा बैंक’ की स्थापना कर आवश्यक भंडारण व्यवस्था विकसित की जाए और प्रत्येक गौआश्रय स्थल पर प्रतिदिन प्रति पशु चार किलोग्राम भूसे के मानक के अनुसार वार्षिक आवश्यकता का आकलन कर समय से भूसा सुरक्षित किया जाए.
अपर मुख्य सचिव मेश्राम ने निर्देश दिए कि गौआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश के लिए भूसा, हरा चारा, चोकर तथा स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण एवं टैगिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए. उन्होंने कहा कि जनपदों में उपलब्ध रिक्त अस्थायी गौआश्रय स्थलों का उपयोग भूसा भंडारण के लिए किया जाए तथा स्थानीय किसानों से समन्वय स्थापित कर वर्ष भर के लिए भूसा एवं हरे चारे की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए.
इस कार्य में सीएसआर फंड तथा जनसहयोग से भी भूसा संग्रह कर ‘भूसा बैंक’ को सुदृढ़ बनाया जाए. वहीं अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गौशालाओं की व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाए और कहीं भी लापरवाही न हो.
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही निराश्रित पशुओं के संरक्षण के लिए करीब 1,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर चुके हैं. इस बजट से गौशालाओं का विस्तार, चारे की व्यवस्था और देखभाल के संसाधनों को बेहतर किया जा रहा है. योगी सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश में कोई भी गौवंश भूखा न रहे और सड़कों पर बेसहारा घूमते पशुओं की समस्या खत्म हो.
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