Milk Production: दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि डेयरी क्षेत्र में 28,000 करोड़ रुपये से अधिक के 829 एमओयू किए गए हैं. उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के अंतर्गत 39 लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध प्रसंस्करण एवं अवशीतन क्षमता में वृद्धि हुई है तथा लगभग 10,000 रोजगार दिए गए हैं.
Dairy conclave 2026: दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी ने आगे बताया कि मुख्यालय से कार्यक्रम का जूम लिंक के माध्यम से प्रातः 10ः30 से 11ः30 के मध्य प्रसारण कराया जाएगा. इसमें विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी. वहीं, कॉन्क्लेव में विभिन्न विषयों पर विशेष प्रस्तुतिकरण होंगे,
Goat Farming: पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ सुनील कुमार राठौर के मुताबिक, आने वाले समय में पैकेजिंग यूनिट भी स्थापित करने की तैयारी है. वहीं, विभाग समय-समय पर गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इस योजना की जानकारी दी जाएगी. इस पहल से बड़े पैमाने पर बकरी पालन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे पशुपालकों की आय तेजी से बढ़ेगी.
UP News: साथ ही आसपास के किसानों को गो-आधारित प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी जोर रहेगा. आयोग के अध्यक्ष का मानना है कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से प्रदेश की गोशालाओं में बेहतर प्रबंधन, गोवंश संरक्षण, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता के नए मानक स्थापित होंगे.
UP News: पशुपालन मंत्री ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि अस्पतालों में गंभीर पशुओं की भर्ती की भी विशेष व्यवस्था की है. इलाज के दौरान पशुओं के लिए संतुलित भोजन, साफ-सफाई और 24 घंटे चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित की जाएगी. अस्पतालों में पूरे उपचार की प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी.
UP News: अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम के अनुसार, पशुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए असंतुलित चारे से होने वाली नाइट्रेट एवं नाइट्राइट से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है. वहीं, जिन क्षेत्रों में पानी की कमी है, वहां स्थानीय तालाबों और पोखरों को नहर या नलकूप के माध्यम से भरने तथा आवश्यकतानुसार वॉटर टैंकरों की व्यवस्था की जाएगी.
UP News: बनासकांठा, गुजरात की गोमूत्र डेयरी के देवाराम पुरोहित ने बताया कि गुजरात के अबाला गांव में गोमूत्र के संग्रहण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़कर प्राकृतिक कृषि के लिए उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं. इसके माध्यम से स्थानीय ग्रामीण परिवारों को आय का अवसर मिलने के साथ प्राकृतिक एवं रसायनमुक्त कृषि को भी बढ़ावा मिल रहा है.
Milk Production: दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि डेयरी क्षेत्र में 28,000 करोड़ रुपये से अधिक के 829 एमओयू किए गए हैं. उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के अंतर्गत 39 लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध प्रसंस्करण एवं अवशीतन क्षमता में वृद्धि हुई है तथा लगभग 10,000 रोजगार दिए गए हैं.
Dairy conclave 2026: दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी ने आगे बताया कि मुख्यालय से कार्यक्रम का जूम लिंक के माध्यम से प्रातः 10ः30 से 11ः30 के मध्य प्रसारण कराया जाएगा. इसमें विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी. वहीं, कॉन्क्लेव में विभिन्न विषयों पर विशेष प्रस्तुतिकरण होंगे,
Goat Farming: पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ सुनील कुमार राठौर के मुताबिक, आने वाले समय में पैकेजिंग यूनिट भी स्थापित करने की तैयारी है. वहीं, विभाग समय-समय पर गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इस योजना की जानकारी दी जाएगी. इस पहल से बड़े पैमाने पर बकरी पालन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे पशुपालकों की आय तेजी से बढ़ेगी.
UP News: साथ ही आसपास के किसानों को गो-आधारित प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी जोर रहेगा. आयोग के अध्यक्ष का मानना है कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से प्रदेश की गोशालाओं में बेहतर प्रबंधन, गोवंश संरक्षण, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता के नए मानक स्थापित होंगे.
UP News: पशुपालन मंत्री ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि अस्पतालों में गंभीर पशुओं की भर्ती की भी विशेष व्यवस्था की है. इलाज के दौरान पशुओं के लिए संतुलित भोजन, साफ-सफाई और 24 घंटे चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित की जाएगी. अस्पतालों में पूरे उपचार की प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी.
UP News: अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम के अनुसार, पशुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए असंतुलित चारे से होने वाली नाइट्रेट एवं नाइट्राइट से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है. वहीं, जिन क्षेत्रों में पानी की कमी है, वहां स्थानीय तालाबों और पोखरों को नहर या नलकूप के माध्यम से भरने तथा आवश्यकतानुसार वॉटर टैंकरों की व्यवस्था की जाएगी.
UP News: बनासकांठा, गुजरात की गोमूत्र डेयरी के देवाराम पुरोहित ने बताया कि गुजरात के अबाला गांव में गोमूत्र के संग्रहण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़कर प्राकृतिक कृषि के लिए उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं. इसके माध्यम से स्थानीय ग्रामीण परिवारों को आय का अवसर मिलने के साथ प्राकृतिक एवं रसायनमुक्त कृषि को भी बढ़ावा मिल रहा है.
Bio Gas Plant: गुप्ता ने बताया कि प्रदेश की गोशालाओं को 'रूरल रिसोर्स एंड एनर्जी हब' के रूप में विकसित किया जाएगा. यहां गोबर से बायोगैस, बायो-सीएनजी, ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर और भविष्य में कार्बन क्रेडिट तक की पूरी वैल्यू चेन विकसित की जाएगी. योगी सरकार का लक्ष्य गो आधारित उत्पादों को आय, ऊर्जा और रोजगार का स्थायी स्रोत बनाना है.
UP News: गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार का यह अभियान गो सेवा के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित होगा. जल्द ही यूपी के सभी जिलों तक इस योजना को पहुंचाने की तैयारी है. जिससे आने वाले समय में गांव-गांव इस मॉडल को अपनाते नजर आएंगे.
UP Farmers News: योजना से जुड़ी दूसरी जानकारी के लिए आप अपने जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी या मुख्य विकास अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं. आवेदक के पास कम से कम 10 गायों को रखने के लिए पर्याप्त जगह और उनके हरे चारे के लिए करीब आधा एकड़ जमीन होनी चाहिए.
Dairy Business: मुकेश मेश्राम बताते हैं कि डिजिटल डेयरी मॉडल का असर ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति पर भी साफ दिखाई दे रहा है. संस्था से जुड़ी करीब 12 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं. नियमित आय के साथ महिलाओं की गांवों में सामाजिक और आर्थिक भागीदारी भी बढ़ी है.
Gaushala Scheme: उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य गोशालाओं को केवल निराश्रित गोवंश के संरक्षण तक सीमित न रखकर उन्हें उत्पादन, रोजगार, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित करना है.
UP News: गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने आगे बताया कि पंचगव्य क्लस्टर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने के साथ गो-आधारित उद्योगों को संगठित स्वरूप प्रदान करेंगे. इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की लागत कम होगी. साथ ही गांवों में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
UP News: पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि उत्तर प्रदेश में देसी गायों के जरिए तैयार किए जा रहे करीब 200 प्रकार के उत्पाद आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना रहे हैं. पंचगव्य घृत, ब्राह्मी घृत, गोमूत्र अर्क, घनवटी, च्यवनप्राश, गो घृत, शतधौता घृत और आयुर्वेदिक काजल जैसे उत्पादों की मांग विदेश में लगातार बढ़ रही है.
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