UP News: मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गोबर आधारित खाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उसका मानकीकरण (स्टैंडर्डाइजेशन) किया जाए. उन्होंने कहा कि पैकेजिंग, नमी स्तर एवं गुणवत्ता के स्पष्ट मानक तय किए जाएं ताकि किसानों को विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिल सके.
Natural Farming: गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता का कहना है कि बुंदेलखंड में शुरू हुआ यह मॉडल अब पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण बन रहा है. किसानों को कम खर्च में बेहतर उत्पादन मिल रहा है और बाजार में प्राकृतिक उत्पादों की मांग उन्हें अतिरिक्त लाभ दे रही है.
Milk Production: दुग्ध आयुक्त ने आगे बताया कि लखीमपुर खीरी के एक छोटे से गांव सिराइचा की राम गुनी की कहानी इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल है. पहले उनकी मासिक आय महज 2-3 हजार रुपए थी, लेकिन मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन से जुड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने के बाद अब उनकी आय 60 हजार रुपए प्रति माह तक पहुंच गई है.
UP News: अपर मुख्य सचिव पशुधन मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि दान द्वारा भूसा संग्रहण में महराजगंज, जौनपुर, बलिया, वाराणसी, एटा, सहारनपुर, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, चित्रकूट एवं गोरखपुर जनपद अग्रणी हैं. वहीं, क्रय के माध्यम से भूसा संग्रहण में सहारनपुर, देवरिया, वाराणसी, गोरखपुर, मऊ, जौनपुर, बदायूं, बलिया, मथुरा एवं अलीगढ़ प्रमुख स्थान पर हैं.
Milk Production in UP: दुग्ध विभाग द्वारा अब तक ₹25 हजार करोड़ से अधिक के 796 एमओयू निष्पादित किए गए, जिनसे लगभग 60 हजार रोजगार सृजित होंगे. इसके अलावा ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 5.0 के तहत ₹2 हजार करोड़ की 72 परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं. कार्यक्रम के दौरान ₹3 हजार करोड़ से अधिक के 59 नए एमओयू साइन किए गए.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today