UP News: अपर मुख्य सचिव मेश्राम ने बताया कि प्रदेश में सार्वजनिक एवं गोचर भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. प्रदेश के 62 जनपदों में कुल 39,721.541 हेक्टेयर गोचर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है.
Dairy Conclave in Jhansi: पशुपालकों और किसानों को संबोधित करते हुए मंत्री धर्मपाल सिंह ने आगे कहा कि झांसी, चित्रकूटधाम एवं कानपुर मण्डल प्रदेश के प्रमुख डेयरी हब बनकर उत्तर प्रदेश की ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ के लक्ष्य को पूरा करने करने में बड़ा योगदान रहेगा.
उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण महिलाओं को डेयरी व्यवसाय से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा अभियान चलाने जा रही है. वर्तमान में 3.94 लाख महिलाएं दुग्ध उत्पादन से जुड़ी हैं, जिनमें 72,669 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं. अब सरकार इस मॉडल को प्रदेश के सभी 75 जिलों के गांवों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है.
Lumpy Skin Disease: पशुधन मंत्री धर्मपाल ने लखीमपुर खीरी से लेकर आगरा तक बेल्ट वैक्सीनेशन कराये जाने और पशुओं की आवाजाही पर रोक लगाये जाने के निर्देश दिये हैं. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पशुपालकों के हितों की रक्षा और पशुधन की सुरक्षा हेतु प्रतिबद्ध है.
UP News: उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि गोबर को केवल अपशिष्ट मानने के बजाय ऊर्जा, जैविक कृषि और ग्रामीण आय के महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में देखने की आवश्यकता है. दीनबंधु बायोगैस मॉडल को तकनीकी रूप से सुदृढ़ कर बड़े स्तर पर लागू किया जाना गोशालाओं, किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए बहुआयामी लाभ का आधार बन सकता है.
Lakhpati Didi Story: मिशन निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि इस व्यवस्था ने उस ग्रामीण महिला के लिए भी उद्यमिता के द्वार खोले हैं, जिसके पास न बड़ी पूंजी थी और न बाजार तक सीधी पहुंच. खेती से जुड़ी गतिविधियों से लेकर पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, स्थानीय उत्पादों के निर्माण और सेवा क्षेत्र तक महिलाएं आय के नए स्रोत विकसित कर रही हैं.
Lumpy Skin Disease: डॉ. इंद्रमणि चौधरी ने बताया कि लम्पी स्किन डिजीज से संबंधित किसी भी सूचना की निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई के लिए बहुउद्देशीय प्रदेश के पशु चिकित्सालय में जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है. इसके माध्यम से जिले में बीमारी की स्थिति पर नजर रखने के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
Milk Business: प्रदेश में महिला दुग्ध उत्पादक कंपनियों की बढ़ती सक्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इनके माध्यम से प्रतिदिन करीब 12.5 लाख लीटर दूध संग्रहीत किया जा रहा है. बड़ी संख्या में महिलाएं पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से जुड़कर नियमित रूप से दूध उपलब्ध करा रही हैं. संगठित संग्रहण व्यवस्था के कारण दूध को बाजार तक पहुंचाने में भी आसानी हो रही है.
Dairy Conclave in Bareilly: उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दूध उत्पादन के साथ-साथ दुग्ध प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन, कोल्ड चेन और डेयरी उद्योग की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करना है, जिससे किसानों की आय बढ़े और महिलाओं व युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे.
UP News: गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि गो संरक्षण योगी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया है. सरकार का प्रयास है कि गोवंश का संरक्षण केवल गो आश्रय स्थलों तक सीमित न रहे, बल्कि इससे रोजगार और ग्रामीण समृद्धि के नए अवसर भी पैदा हों.
Milk Production: दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि डेयरी क्षेत्र में 28,000 करोड़ रुपये से अधिक के 829 एमओयू किए गए हैं. उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के अंतर्गत 39 लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध प्रसंस्करण एवं अवशीतन क्षमता में वृद्धि हुई है तथा लगभग 10,000 रोजगार दिए गए हैं.
Dairy conclave 2026: दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी ने आगे बताया कि मुख्यालय से कार्यक्रम का जूम लिंक के माध्यम से प्रातः 10ः30 से 11ः30 के मध्य प्रसारण कराया जाएगा. इसमें विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी. वहीं, कॉन्क्लेव में विभिन्न विषयों पर विशेष प्रस्तुतिकरण होंगे,
Goat Farming: पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ सुनील कुमार राठौर के मुताबिक, आने वाले समय में पैकेजिंग यूनिट भी स्थापित करने की तैयारी है. वहीं, विभाग समय-समय पर गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इस योजना की जानकारी दी जाएगी. इस पहल से बड़े पैमाने पर बकरी पालन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे पशुपालकों की आय तेजी से बढ़ेगी.
UP News: साथ ही आसपास के किसानों को गो-आधारित प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी जोर रहेगा. आयोग के अध्यक्ष का मानना है कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से प्रदेश की गोशालाओं में बेहतर प्रबंधन, गोवंश संरक्षण, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता के नए मानक स्थापित होंगे.
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