Dairy Milk Production: बलिया के बहुआरा गांव की रहने वाली दुर्गेश तिवारी एक साधारण परिवार से हैं. शादी के बाद उनका जीवन पति, दो बेटियों और सास के साथ सीमित दायरे में था. परिवार की आय का मुख्य स्रोत खेती और 3-4 पशु थे, लेकिन दूध बेचने पर न तो उचित कीमत मिलती थी और न ही समय पर भुगतान.
UP News: उत्तर प्रदेश का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी एक स्पष्ट रास्ता दिखाता है. मतलब साफ है कि जो राज्य जिस क्षेत्र में मजबूत है, वह उसी से मिलने वाले टैक्स को उसी क्षेत्र के विकास में लगा सकता है. वहीं कृषि प्रधान राज्यों में मंडी से मिलने वाली फीस को खेती और किसानों को मजबूत बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है.
Uttar Pradesh News: इसके साथ ही पशुपालकों को बेहतर नस्ल के पशु, प्रशिक्षण, पशु स्वास्थ्य सेवाएं और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. दुग्ध सहकारी समितियों और निजी डेयरी इकाइयों को प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण स्तर पर संग्रहण और विपणन तंत्र मजबूत हुआ है.
Poultry Farming Story: मंजू कश्यप बताती हैं कि मछली पालन के साथ अब देसी मुर्गी का एक छोटा सा पोल्ट्री फॉर्म दुहाई गांव में 8 महीने पहले स्थापित किया था. महज 850 देसी चूजों से शुरू हुआ उनका छोटा-सा व्यवसाय आज एक बड़े फार्म की शक्ल ले रहा है, आज वे देसी मुर्गी के अंडे की सप्लाई लोकल मार्केट में कर रही हैं
UP News: गोकशी के मामले में 35,924 आरोपियों में से 13,793 के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई, जबकि 178 आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) की कार्रवाई की गई. इसके अलावा 14,305 मामलों में गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की गई है.
बुंदेलखंड में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. बांदा में नया डेयरी प्लांट लगाने और झांसी की क्षमता तीन गुना करने की मंजूरी दी गई है. जानिए इससे किसानों और दुग्ध उत्पादकों को क्या बड़ा फायदा मिलने वाला है.
UP News: मामले में गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि पहली बार वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गोसंरक्षण को आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा रहा है. उन्होंने कहा कि पंचगव्य से तैयार उत्पादों को उद्योग से जोड़कर युवाओं के लिए आजीविका का नया मॉडल बनेगा.
उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण को नई दिशा देने की तैयारी है. योगी सरकार ने ‘गो संरक्षण मिशन’ को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए इसमें महिलाओं और किसान उत्पादक संगठनों की भागीदारी का रास्ता खोल दिया है. सरकार ने इसके लिए 2100 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है.
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