उत्तर प्रदेश में 40 फीसदी बढ़ा दुग्ध उत्पादन, देश में हासिल किया पहला स्थान, पढ़िए इनसाइड स्टोरी

उत्तर प्रदेश में 40 फीसदी बढ़ा दुग्ध उत्पादन, देश में हासिल किया पहला स्थान, पढ़िए इनसाइड स्टोरी

Milk Production in UP: एसीएस मुकेश मेश्राम ने बताया कि सीएम योगी के कार्यकाल में दुग्ध उत्पादन में जबरदस्त उछाल दर्ज हुआ है. वर्ष 2016-17 में जहां उत्पादन 277 लाख मीट्रिक टन था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 388 लाख मीट्रिक टन के पार पहुंच गया है.

milk production in uttar pradesh increases by 40 percent secures first place in nationmilk production in uttar pradesh increases by 40 percent secures first place in nation
नवीन लाल सूरी
  • LUCKNOW,
  • Apr 09, 2026,
  • Updated Apr 09, 2026, 7:08 AM IST

उत्तर प्रदेश ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. प्रदेश में पहले की तुलना में 40 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन बढ़ गया है. यही नहीं, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यूपी सबसे सशक्त बनकर उभरा है.पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि देश के कुल दुग्ध उत्पादन में पांच अग्रणी राज्यों की 54 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसमें अकेले उत्तर प्रदेश का योगदान 16 फीसदी तक पहुंच गया है. यह आंकड़ा प्रदेश की बढ़ती ताकत और मजबूत डेयरी संरचना का स्पष्ट उदाहरण है.

388 लाख मीट्रिक टन पहुंचा दुग्ध उत्पादक 

एसीएस मुकेश मेश्राम ने बताया कि सीएम योगी के कार्यकाल में दुग्ध उत्पादन में जबरदस्त उछाल दर्ज हुआ है. वर्ष 2016-17 में जहां उत्पादन 277 लाख मीट्रिक टन था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 388 लाख मीट्रिक टन के पार पहुंच गया है. पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि करीब 40 प्रतिशत की यह वृद्धि प्रदेश में योजनाबद्ध विकास और जमीनी स्तर पर किए गए ठोस प्रयासों का परिणाम है.

बड़ी ताकत बनीं ग्रामीण महिलाएं

उन्होंने बताया कि इस दुग्ध क्रांति की बड़ी ताकत ग्रामीण महिलाएं बनीं हैं. उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से लाखों महिलाएं डेयरी गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं. प्रदेश के 31 जिलों में महिला समूह प्रतिदिन करीब 10 लाख लीटर दूध का संग्रहण कर रहे हैं और करीब 5,000 करोड़ रुपये का कारोबार कर चुके हैं.

5 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचा कारोबार

पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव ने आगे बताया कि प्रदेश में पांच प्रमुख दुग्ध उत्पादक कंपनियों के जरिए करीब चार लाख महिला किसान जुड़ीं हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है. वहीं फरवरी 2026 तक इन कंपनियों का कुल कारोबार पांच हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. जबकि बुंदेलखंड क्षेत्र में ‘बलिनी एमपीसीएल’, पूर्वांचल में ‘काशी एमपीसीएल’, अवध क्षेत्र में सामर्थ्य एमपीसीएल, गोरखपुर मंडल में ‘श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीसीएल, तराई क्षेत्र में सृजन एमपीसीएल’ से जुड़कर महिलाएं रिकॉर्ड बना रही हैं.

दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेश की बदल रही तस्वीर

अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि योगी सरकार के कार्यकाल में पहली बार महिलाओं को इतने बड़े पैमाने पर आर्थिक मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाया गया है. दुग्ध उत्पादन में यह रिकॉर्ड वृद्धि न केवल आर्थिक मजबूती का संकेत है, बल्कि उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर का भी प्रतीक बन गई है.

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