
बड़े पशु गाय-भैंस के लिए तो हर मौसम में खुराक का मैनेजमेंट हो जाता है. लेकिन इस दौरान सबसे ज्यादा पौष्टियक खुराक की जरूरत बछड़ों को होती है. जन्म के साथ ही बछड़ों को खास खुराक चाहिए होती है. क्योंकि आने वाले तीन महीने उनकी तेजी से बढ़वार होती है. वहीं दूसरी ओर मौसम के हिसाब से उन्हें खुराक देना भी जरूरी हो जाता है. जैसे सर्दियों में पैदा होने वाले बछड़ों को कैसी खुराक दी जाए. खुराक में कब और कितना दिया जाना चाहिए. मौसम के साथ ही उम्र के हिसाब से खुराक कैसी होनी चाहिए.
ये सब वो बातें हैं जो बछड़ों की ग्रोथ में भी मदद करती हैं और उन्हें बीमारियों से भी बचाती हैं. सर्दियों का मौसम इंसानों संग जानवरों के लिए भी परेशानी लेकर आता है. कड़ाके की ठंड दिसम्बर और जनवरी के दो महीने ज्यादा रहती है. इस मौसम में बछड़ों की देखभाल के साथ ही बड़े पशुओं को भी ठंड से बचाने वाली खुराक का इंतजाम करना ज्यादा टेढ़ा काम होता है. क्योंकि यह ये मौसम पशुओं की ब्रीडिंग का भी होता है.
एक साथ ज़्यादा खिलाने से एसिडोसिस हो सकता है दूध देने वाली गाय के दूध में फैट की मात्रा में कमी आना, डाइट में फाइबर की मात्रा में कमी का साफ संकेत है कमज़ोर और अच्छी/खराब हालत वाले जानवर ठंड बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं
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