
एक अच्छा और क्वालिटी का ब्रीडर बुल बहुत मुश्किल से तैयार होता है. और जो तैयार होते हैं तो वो बेशकीमती होते हैं. ऐसे बुल की कोई कीमत नहीं होती है. ऐसे ही एक ब्रीडर बुल युवराज की मौत के बाद से बुल की देखभाल और खानपान को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. क्योंकि जिस युवराज को नौ करोड़ी कहा जाता था उसकी मौत कई सवाल छोड़ गई है. युवराज की मौत के बाद से ब्रीडर्स में हड़कंप मच गया है. सवाल ये भी हो रहा है कि जिसका खानपान अच्छा था, देखभाल में कोई कोताही नहीं बरती जाती थी, आखिर दो महीने के अंदर कैसे उस युवराज की मौत हो गई. हालांकि जानकार तो ये बताते हैं कि युवराज को नसों संबंधी कोई बीमारी हुई थी.
ये एक ऐसा बुल था जो नेशनल और स्टेट लेवल की प्रतियोगिता मिलाकर करीब 27 बार चैम्पियन रहा था. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो कृत्रिम गर्भाधान (AI) को बढ़ावा देने के लिए हर नस्ल के ब्रीडर सांड तैयार किए जा रहे हैं. पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की ओर से खानपान और रहन-सहन से संबंधित एडवाइजरी जारी की जाती हैं. क्योंकि साइंटीफिक होते पशुपालन में गाय-भैंस को गाभिन कराने का तरीका भी बदल गया है.
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