
बकरी पालन में मीट की डिमांड तो हमेशा से रही है, लेकिन अब बकरी के दूध की डिमांड भी बढ़ रही है. इसके चलते बकरी पालन भी तेजी से बढ़ रहा है. कोई दूध के लिए बकरियां पाल रहा है तो कोई मीट के लिए हेल्दी नस्ल वाले बकरे. लेकिन एक्सपर्ट की मानें तो बहुत सारे ऐसे बकरी पालक हैं जो दूध और मीट के लिए एक ही नस्ल के बकरे-बकरियां पाल रहे हैं. ऐसी ही एक नस्ल है जमनापरी. जमनापरी नस्ल के बकरे-बकरियां दूध और मीट के लिए खास पहचान रखते हैं.
ये खास नस्ल यूपी की है. लेकिन इसके अलावा मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और राजस्थान में भी पाली जाती हैं. ये एक ऐसी हॉर्ड नस्ल है जो किसी भी तरह के मौसम और वातावरण में पल जाती हैं. इसलिए इसे ज्यादातर राज्यों में पाला जाता है. स्वाद के मामले में जमनापरी का मीट बहुत ही स्वादिष्ट माना जाता है.
केन्द्रीय पशुपालन मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक जमनापरी बकरियां पहले नंबर पर यूपी में 7.54 लाख, दूसरे पर मध्य प्रदेश 5.66 लाख, तीसरे पर बिहार 3.21 लाख, चौथे पर राजस्थान 3.09 लाख और पांचवें नंबर पर पश्चिम बंगाल में 1.25 लाख सबसे ज्यादा पाई जाती हैं. देश में दूध देने वाली कुल बकरियों की संख्या 7.5 लाख है. साल 2019 की पशु जनगणना के मुताबिक देश में 149 मिलियन बकरे-बकरी हैं. हालाकि देश में हर साल इसमे 1.5 से दो फीसद का इजाफा भी होता रहता है.
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