Fish Care in Summer: चढ़ने लगा तापमान, तेज हो रही है धूप, मछलियों को गर्मी से बचाने के लिए करें ये उपाय 

Fish Care in Summer: चढ़ने लगा तापमान, तेज हो रही है धूप, मछलियों को गर्मी से बचाने के लिए करें ये उपाय 

Fish Care in Summer फिश एक्सपर्ट की मानें तो 31 डिग्री से ऊपर का तापमान मछली के लिए जानलेवा होता है. और इस वक्त तो देशभर के बहुत सारे राज्यों में तापमान 38 से लेकर 42 डिग्री तक पहुंच रहा है. इसी को देखते हुए एक्सपर्ट अप्रैल से जून तक तालाब में कई तरह के बदलाव करने की एडवाइज देते हैं. 

लोगों की मदद से कार को तालाब से बाहर निकाला.(Photo: Siddhartha Gupta/ITG)लोगों की मदद से कार को तालाब से बाहर निकाला.(Photo: Siddhartha Gupta/ITG)
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Apr 30, 2026,
  • Updated Apr 30, 2026, 8:00 AM IST

गर्मी का पारा 40 डिग्री को पार कर चुका है. धूप में भी तेजी आ गई है. खासतौर से राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और यूपी में गर्मी अपना रूप दिखाने लगी है. ऐसे में अगर तालाब में पाली जाने वाली मछलियों की बात करें तो उनके लिए ये मौसम बहुत तकलीफ देने वाला होता है. यही वजह है कि चढ़ते तापमान का असर तालाब की मछलियों पर भी देखने को मिल रहा है. ऐसे में मछलियों के तालाब का पानी उबलने जैसा हो जाता है. पानी तेज गर्म होने के चलते उसमे ऑक्सींजन की मात्रा भी कम हो जाती है. 

फिश एक्सपर्ट गर्मियों के दौरान खासतौर पर झींगा पालकों को खास एहतियात बरतने की सलाह देते हैं. झींगा की खुराक, तालाब के पानी का तापमान, पानी का स्तर, तालाब की सफाई आदि पर खास ध्यान देने की जरूरत बताई जाती है. क्योंकि देश में बहुत सारी जगह पर 40 डिग्री और कहीं-कहीं उससे भी ऊपर पहुंच चुके तापमान के बीच तालाब का पानी जानलेवा हो जाता है. 

26 से 31 डिग्री हो तालाब का तापमान  

फिश एक्सपर्ट का कहना है कि तालाब में ज्यादातर रोहू, कतला, मृंगाल मछली का पालन किया जाता है. गर्मी के इस मौसम में मछलियों को 26 से 31 डिग्री तापमान वाले पानी की जरूरत होती है. लेकिन अभी तापमान भी बढ़ रहा है. 40 से 42 डिग्री तक तापमान पहुंच रहा है. यह मछलियों के लिए बहुत ही खतरनाक होता है. जब गर्म हवाएं चलती हैं तो हालात और भी खराब हो जाते हैं. होता ये है कि तालाब में फाइटो क्लाइंजम (अल्गी) लगी होती है. पानी के अंदर इसी से झींगा और मछलियों को मुख्य रूप से ऑक्सीजन मिलती है. लेकिन तेज गर्मी और गर्म पानी के चलते यह मुरझा जाती है. अब क्योंकि मछली पालन के लिए बिजली कमर्शियल होने के चलते बहुत महंगी है तो मछली पालक तालाब में पंखे और इरेटर बहुत कम चलाते हैं. 

तालाब में ये बदलाव किए तो हेल्दी रहेंगी मछलियां 

एक्सपर्ट का कहना है कि मौजूदा और आने वाले मौसम को देखते हुए तालाब के पानी को ठंडा रखने के लिए ये जरूरी है कि खासतौर पर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक पंखे और इरेटर चलाएं. गर्मियों में सूखा खाने को न दें. एक लीटर मीठे फ्रेश पानी में 100 ग्राम गुड़ घोलकर, दो से तीन ग्राम विटामिन सी घोलकर दें. ग्लूकोज पाउडर भी खोलकर पिलाया जा सकता है.

मछलियों को दी जाने वाली दोपहर की खुराक एकदम कम कर दें. 10 फीसद से ज्यादा खाने को न दें. सुबह-शाम और रात 30-30 फीसद तक खाने को दें. तालाब के पानी की हाईट बढ़ा दें. अगर तालाब में 3.5 फुट पानी है तो उसे पांच से 5.5 फुट कर दें. क्योंकि ऊपर का पानी गर्म भी हो जाएगा तो 3.5 फुट पानी की सतह सामान्य बनी रहेगी.  

ये भी पढ़ें- Breed Production: OPU-IVF से मां बनेंगी सड़क-खेतों में घूमने वाली छुट्टा गाय

ये भी पढ़ें- Egg Production: पोल्ट्री फार्म में कैसे बढ़ेगा अंडा उत्पादन, पढ़ें पोल्ट्री एक्सपर्ट के 10 टिप्स

MORE NEWS

Read more!