
गर्मी का पारा 40 डिग्री को पार कर चुका है. धूप में भी तेजी आ गई है. खासतौर से राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और यूपी में गर्मी अपना रूप दिखाने लगी है. ऐसे में अगर तालाब में पाली जाने वाली मछलियों की बात करें तो उनके लिए ये मौसम बहुत तकलीफ देने वाला होता है. यही वजह है कि चढ़ते तापमान का असर तालाब की मछलियों पर भी देखने को मिल रहा है. ऐसे में मछलियों के तालाब का पानी उबलने जैसा हो जाता है. पानी तेज गर्म होने के चलते उसमे ऑक्सींजन की मात्रा भी कम हो जाती है.
फिश एक्सपर्ट गर्मियों के दौरान खासतौर पर झींगा पालकों को खास एहतियात बरतने की सलाह देते हैं. झींगा की खुराक, तालाब के पानी का तापमान, पानी का स्तर, तालाब की सफाई आदि पर खास ध्यान देने की जरूरत बताई जाती है. क्योंकि देश में बहुत सारी जगह पर 40 डिग्री और कहीं-कहीं उससे भी ऊपर पहुंच चुके तापमान के बीच तालाब का पानी जानलेवा हो जाता है.
फिश एक्सपर्ट का कहना है कि तालाब में ज्यादातर रोहू, कतला, मृंगाल मछली का पालन किया जाता है. गर्मी के इस मौसम में मछलियों को 26 से 31 डिग्री तापमान वाले पानी की जरूरत होती है. लेकिन अभी तापमान भी बढ़ रहा है. 40 से 42 डिग्री तक तापमान पहुंच रहा है. यह मछलियों के लिए बहुत ही खतरनाक होता है. जब गर्म हवाएं चलती हैं तो हालात और भी खराब हो जाते हैं. होता ये है कि तालाब में फाइटो क्लाइंजम (अल्गी) लगी होती है. पानी के अंदर इसी से झींगा और मछलियों को मुख्य रूप से ऑक्सीजन मिलती है. लेकिन तेज गर्मी और गर्म पानी के चलते यह मुरझा जाती है. अब क्योंकि मछली पालन के लिए बिजली कमर्शियल होने के चलते बहुत महंगी है तो मछली पालक तालाब में पंखे और इरेटर बहुत कम चलाते हैं.
एक्सपर्ट का कहना है कि मौजूदा और आने वाले मौसम को देखते हुए तालाब के पानी को ठंडा रखने के लिए ये जरूरी है कि खासतौर पर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक पंखे और इरेटर चलाएं. गर्मियों में सूखा खाने को न दें. एक लीटर मीठे फ्रेश पानी में 100 ग्राम गुड़ घोलकर, दो से तीन ग्राम विटामिन सी घोलकर दें. ग्लूकोज पाउडर भी खोलकर पिलाया जा सकता है.
मछलियों को दी जाने वाली दोपहर की खुराक एकदम कम कर दें. 10 फीसद से ज्यादा खाने को न दें. सुबह-शाम और रात 30-30 फीसद तक खाने को दें. तालाब के पानी की हाईट बढ़ा दें. अगर तालाब में 3.5 फुट पानी है तो उसे पांच से 5.5 फुट कर दें. क्योंकि ऊपर का पानी गर्म भी हो जाएगा तो 3.5 फुट पानी की सतह सामान्य बनी रहेगी.
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