Trout Fish in Kashmir कश्मीर की पहचान अब सिर्फ केसर ही नहीं है. ट्राउट भी कश्मीर को नई पहचान दिला रही है. ट्राउट की मदद से ही कश्मीर के युवा अपने ख्वाबों को सच कर रहे हैं. ये पढ़कर बेशक आपको अजीब लग रहा हो, लेकिन कश्मीर में ट्राउट नई क्रांति लिख रही है. जिस ट्राउट की हम बात कर रहे हैं वो मछली की एक प्रजाति है. ये खासतौर पर ठंडे और साफ पानी में होती है. और ये पानी ट्राउट को कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे इलाकों में ही मिलता है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कश्मीर में ट्राउट का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है.
केन्द्र सरकार भी प्रधानमंत्री मतस्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत ट्राउट पालन में मदद कर रही है. अच्छी बात ये है कि कश्मीर की युवतियां और महिलाएं भी ट्राउट पालन कर अच्छा मुनाफा कमा रही हैं. फिशरीज एक्सपर्ट की मानें तो ट्राउट महंगी मछलियों में शामिल है. टेस्ट के साथ ही इसे खाने के फायदे भी बहुत हैं.
जम्मू-कश्मीर के मछली पालन विभाग के डायरेक्टर मोहम्मद फारुख डार के एक बयान के मुताबिक वित्त वर्ष 2023-24 में राज्य को मछली पालन से 3.66 करोड़ रेवेन्यू मिला था. जिसमे खासतौर पर ट्राउट मछली से ज्यादा रेवेन्यू मिला था. अगर बीते छह साल की बात की जाए तो साल 2019 में कश्मीर में ट्राउट का 598 टन उत्पादन हुआ था. जबकि 2024-25 में यही आंकड़ा बढ़कर 2380 टन पर पहुंच गया. आगे भी इसके बढ़ने की उम्मीद है. क्योंकि ज्यादातर लोग ट्राउट का पालन कर रहे हैं. सरकारी योजनाओं के चलते लोग मछली पालन में आ रहे हैं. खास बात ये है कि बीते चार साल में ही सरकारी मदद से 60 फीसद यानि 700 से ज्यादा यूनिट ट्राउट की लगी है. अगर इसमे प्राइवेट यूनिट भी जोड़ ली जाएं तो करीब 13 सौ से 14 सौ ट्राउट यूनिट संचालित हो रही हैं. सरकारी आंकड़े के मुताबिक ट्राउट मछली का बीज उत्पादन भी बढ़कर 90 लाख से 1.70 करोड़ पर पहुंच गया है.
ट्राउट मछलियों के क्वालिटी वाले बीज सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर सरकार के लिए डेनमार्क से रेनबो और ब्राउन ट्राउट मछवलियों के 13.40 लाख उन्नत अंडे (ओवा) के आयात की मंजूरी प्रदान की. इससे ट्राउट मत्य्ं क पालकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले मछली बीज की उपलब्धता में काफी सुधार हुआ है. इसका उत्पादन 2020-21 में 650 मीट्रिक टन से बढ़कर 2023-24 में 2,380 मीट्रिक टन हो गया है, जो 266 फीसद की बढ़ोतरी को दिखाता है. एक किलो ट्राउट की कीमत बाजार में एक हजार रुपये से लेकर 15 सौ रुपये तक है.
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