Fish Pond Care: बारिश और ठंड में तीन लेवल पर ऐसा होना चाहिए मछलियों का तालाब मैनेजमेंट 

Fish Pond Care: बारिश और ठंड में तीन लेवल पर ऐसा होना चाहिए मछलियों का तालाब मैनेजमेंट 

Fish Pond Care ठंड बढ़ते ही पानी की सतह और बीच में रहने वाली मछलियां नीचे तली में चली जाती हैं. मछलियों को बीमारी से बचाने के लिए मछली पालकों को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. मछली पालक ठंड दूर करने के लगातार उपाय करते हैं. खासतौर पर सुबह के वक्त मछलियों को गर्म (जमीन से निकले ताजा पानी) से नहलाया जाता है.  

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jan 28, 2026,
  • Updated Jan 28, 2026, 8:00 AM IST

ठंड यानि की जाड़ों के मौसम में मछली पालन मंदा हो जाता है. इसकी वजह है तापमान कम होता चला जाता है. सूरज की रोशनी भी कम हो जाती है. सूरज की रोशनी न होने से पानी में ऑक्सीजन कम हो जाती है. सुबह-शाम का कोहरा भी बहुत होता है. ये सब वो वजह हैं जिसके चलते तालाब में मछलियों की प्राकृतिक खुराक बनाने की स्पीड कम हो जाती है. जिसके चलते मछलियों की ग्रोथ धीमी हो जाती है. ऑक्सीजन लेवल कम होने से मछलियां ऊपर तल पर सांस लेने के लिए मजबूर हो जाती हैं. 

ऐसा करने से वो ठंड पानी के संपर्क में आ जाती है. मछलियां बीमार पड़ने लगती हैं. मछलियों की मृत्यु दर बढ़ जाती है. मछलियों का पाचन सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिसके चलते वो खाना कम या एकदम से बंद कर देती हैं. जनवरी तक मछलियों को ज्यादा ठंड लगती है. मछलियों को ठंड लग रही है इसका पता ऐसे चलता है कि ठंड लगने के दौरान मछलियां पानी में अपनी जगह बदल लेती हैं.  

ठंड में बारिश के दौरान तालाब प्रबंधन

  • तालाब में मछलियों की संख्या कम ही रखें और बड़ी मछलियों को बेच दें. 
  • तालाब में खाद का इस्तेमाल कम या एकदम बंद कर दें. 
  • अगर तालाब से मछली की निकासी नहीं करनी हो तो पानी में जाल ना चलाएं. 
  • हफ्ते में एक बार सुबह धूप निकलने पर तालाब के नीचे मौजूद गैस (NH, H,S) को हटाने के लिए तले में पानी को कांटेदार रस्से की मदद से चलाएं. 
  • ठंड के मौसम में बड़े कॉमन कार्प को ब्रीडिंग के लिए रख सकते हैं. लेकिन मछली का बीज (जीरा) हासिल करने के लिए जरूरी है कि तालाब में से जलकुम्भी हटाई जाए. 
  • तालाब में किसी भी तरह की दवा का इस्तेमाल ना करें, अगर जरुरी हो तो फिशरीज एक्सपर्ट के मुताबिक ही करें. 

ठंड के मौसम में तालाब के पानी का प्रबंधन

  • ठंड के मौसम में 50 किलो चूना प्रति एकड़ की मात्रा से तालाब में इस्तेमाल करें. 
  • चूने की कुल मात्रा का 20 फीसद के हिसाब से हर एक 15 दिन के अंतर पर इस्तेमाल करें. 
  • जब चूने का इस्तेमाल करें तो ये ख्याल रखें कि मौसम साफ रहे. 
  • अगर मुमकिन हो तो नमक 20 किलो प्रति एकड़ के दर से दो बार में इस्तेमाल करें.
  • तालाव में अगर लाल या गहरे हरे रंग की परत बन गई हो तो उसे साफ कर दें. 
  • पानी का तापमान सामान्य करने के लिए तालाब में सुबह बोरवेल का पानी मिला दें. 
  • तालाब में ऑक्सीजन और पानी का लेवल 5 फीट रखने के लिए बोरवेल का पानी मिलाएं. 

मछलियों का फीड मैनेजमेंट 

ठंड के मौसम में मछलियों को हर रोज दी जाने वाली खुराक का सिर्फ एक तिहाई फीड ही दें. 
मछलियों की जितनी खुराक है उसे दिन में सिर्फ एक बार ही दें. 
मछलियों को दोपहर के वक्त धूप निकलने पर ही फीड खाने को दें. 
मछलियों को फीड देने के दो घंटे बाद चेक कर लें कि फीड खत्म हुआ है या नहीं. अगर बचा हो तो अगले दिन फीड की मात्रा कम कर दें. 

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