Fodder Plan for Animal: चारा उत्पादन के लिए ये 15 काम किए तो बढ़ेगा डेयरी में मुनाफा 

Fodder Plan for Animal: चारा उत्पादन के लिए ये 15 काम किए तो बढ़ेगा डेयरी में मुनाफा 

Fodder Plan for Animal देश में इस वक्त हरे और सूखे चारे समेत मिनरल्स मिक्चर की कमी देखी जा रही है. साथ ही कई वजह से डेयरी की लागत भी बढ़ गई है. प्रति पशु दूध उत्पादन भी नहीं बढ़ रहा है. एनिमल एक्सपर्ट इसके पीछे बड़ी वजह चारे को बता रहे हैं. 

पशुओं को खिलाएं ये हरा चारापशुओं को खिलाएं ये हरा चारा
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jan 27, 2026,
  • Updated Jan 27, 2026, 12:57 PM IST

साल 2024-25 में देश में 25 करोड़ टन दूध का उत्पादन हुआ है. दूध के मामले में दो बड़ी कामयाबी भारत के नाम हैं. एक कुल दूध उत्पादन में भारत विश्व में पहले नंबर पर है. वहीं दूसरी ये कि विश्व में गाय का सबसे ज्यादा दूध उत्पादन भी भारत में ही होता है. बावजूद इसके डेयरी सेक्टर की दो बड़ी परेशानियां हैं. एक तो डेयरी प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट और दूसरे ये कि प्रति पशु दूध उत्पादन भी नहीं बढ़ रहा है. पहली परेशानी की वजह प्रोडक्ट की ज्यादा लागत है और दूसरी की वजह चारा है. एनिमल न्यूट्रीशन एक्सपर्ट का कहना है कि अगर सभी दुधारू पशुओं को अच्छा पोषण वाला चारा मिले तो प्रति पशु दूध उत्पादन भी बढ़ सकता है. 

डेयरी एक्सपर्ट के मुताबिक देश में तीनों तरह हरे-सूखे और मिनरल्स चारे की कमी 25 फीसद से भी ऊपर निकल गई है. यही वजह है कि दूध और उससे बने प्रोडक्ट महंगे होते जा रहे हैं. महंगे प्रोडक्ट की वजह से देश के डेयरी प्रोडक्ट, एक्सपर्ट मार्केट में अपनी जगह नहीं बना पा रहे हैं. वहीं पशुओं को भरपूर चारा खाने को नहीं मिल रहा है. नेशनल डेयरी डवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) भी “फ्यूचर रोडमैप ऑफ इंडियन डेयरी सेक्टर” विषय पर चर्चा कर चुका है. 

डेयरी लागत कम करने के ये हैं टिप्स 

एनिमल न्यूट्रीशन और डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि डेयरी लागत कम करने पर ज्यादा काम करने की जरूरत है. डेयरी में पशुओं के पोषण को वरीयता दी जानी चाहिए. उत्पादकता बढ़ाने पर काम होना चाहिए. चारे की कमी या फिर इमरजेंसी के हालात में लगातार चारे की सप्लाई बनी रहे इसके लिए क्षेत्रीय चारा बैंक और स्टोरेज गोदाम स्थापित करने चाहिए. क्वालिटी के चारे और बीजों की सप्लाई में सुधार के लिए राज्यवार योजनाएं बननी चाहिए. इंपोर्ट को कम करते हुए बरसीम जैसे फलीदार बीजों की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दें. नॉन फारेस्ट  बंजर जमीन, चरागाह भूमि और सामुदायिक भूमि का इस्तेमाल हरे चारे की खेती के लिए करना चाहिए. 

डेयरी और चारे के बारे में ये बोले एक्सपर्ट 

  • चारा बीज प्रोसेसिंग और स्टो‍रेज के लिए सुविधाओं को बढ़ाया जाए. 
  • ज्यादा पोषण मूल्य वाली चारा फसलों के विकास और मीथेन उत्सर्जन को कम करने की जरूरत है.
  • ज्या दा चारा करने वाले क्षेत्रों से कम चारे वाले क्षेत्रों में चारे के लिए ट्रांसपोर्ट पॉलिसी बनाई जाए. 
  • फसल के अवशेष के ब्लॉक, गांठ, टीएमआर और छर्रों आदि के ट्रांसपोर्ट के लिए प्रोत्साहन दें.
  • दूध उत्पादन दक्षता में सुधार के लिए सटीक फीडिंग विधियों पर काम हो. 
  •  
  • क्वाउलिटी के फीड उत्पादन सुनिश्चित करने और दूषित पदार्थों को कंट्रोल करने के लिए नियम बनें.  
  • चारा प्लस एफपीओ का लाभ उठाया जाए और एक मॉडल की तरह पेश कर दूसरों को प्रोत्साहित करें.  
  • डेटाबेस मैनेजमेंट और सूचना एक्सचेंज करने के लिए राष्ट्रीय या क्षेत्रीय चारा ऑनलाइन प्लेटफार्म बने. 

ये भी पढ़ें- Egg Rate: बाजार में पहली बार 8 से 12 रुपये तक का बिक रहा अंडा, ये है बड़ी वजह

ये भी पढ़ें- Egg Testing: अंडा खरीद रहे हैं तो भूलकर भी न करें ये काम, ऐसे जांचें अंडे की क्वालिटी

MORE NEWS

Read more!