Buffalo Diet Chart: दूध देने वाली भैंस का खुराक चार्ट बना रहे हैं तो ये 16 टिप्स भी करें शामिल 

Buffalo Diet Chart: दूध देने वाली भैंस का खुराक चार्ट बना रहे हैं तो ये 16 टिप्स भी करें शामिल 

Buffalo Diet Chart बहुत सारे ऐसे लोग भी हैं जो ये मानते हैं कि पशुओं का क्या है, उन्हें तो कभी भी और कुछ भी खिला दो. लेकिन ये सोच सही नहीं है. पशुओं के लिए भी वक्त से संतुलित खुराक बताई गई है. ना कोई चीज कम और ना कोई दूसरी चीज ज्यादा. क्योंकि उल्टा-सीधा खा लेने से पशुओं का पेट भी बहुत जल्दी खराब होता है. 

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jan 27, 2026,
  • Updated Jan 27, 2026, 12:21 PM IST

एनिमल न्यूट्रीशन एक्सपर्ट की मानें तो पशु उत्पादन करने वाला हो या ड्राई (सूखा), सभी को पोषण की जरूरत होती है. दूध और बच्चा देने वाले पशु की खुराक तय है. ग्रोथ करने वाले पशु की खुराक भी तय है. इतना ही नहीं जो पशु कुछ नहीं कर रहा है उसके लिए भी पोषण से भरपूर खुराक तैयार की जाती है. एक्सपर्ट का ये भी कहना है कि खुराक से ही हैल्थ बनती है और खुराक से ही उत्पादन या कह लें कि कार्य क्षमता बढ़ती है. शायद इसी को ध्यान में रखते हुए सेंट्रल इंस्टी्ट्यूट ऑफ बफैलो रिसर्च सेंटर (CIRB), हिसार, हरियाणा समय-समय पर भैंसों के खानपान से जुड़ी रिपोर्ट जारी करता रहता है.

सीआईआरबी के पूर्व साइंटिस्ट का कहना है कि भैंस को अच्छी खुराक देने के साथ-साथ ये भी मालूम होना चाहिए कि कब एक भैंस को कितना दाना और चारा खिलाना है. भैंस की खुराक में हरा और सूखा चारा कितना हो. अगर दाना खिलाया जा रहा है तो उसकी मात्रा कितनी होनी चाहिए. साथ ही दाने को हरे और सूखे चारे के साथ मिलाकर कैसे खिलाया जा सकता है. 

भैंस के खुराक चार्ट में ये टिप्स करें शामिल 

  • भैंसों की खुराक संतुलित होनी चाहिए. 
  • भैंस की खुराक स्वादिष्ट-पौष्टिक होनी चाहिए. 
  • पशु की खुराक में बदबू नहीं आनी चाहिए.
  • पेट पूरा भरने पर ही भैंस को संतुष्टि मिलती है. 
  • भैंस की खुराक उसकी उम्र के हिसाब से तैयार करें. 
  • भैंस की खुराक को एकदम से नहीं बदलना चाहिए. 
  • भैंस को चारा खिलाने के तय वक्त में बार-बार बदलाव न करें. 
  • भैंस को चारा खिलाने का वक्त ऐसा हो जिससे वो भूखी न रहे.
  • भैंस की खुराक ऐसी होनी चाहिए जो कब्ज‍-दस्त करने वाली ना हो. 
  • भैंस का पेट काफी बड़ा होता है इसलिए उसे भरपेट चारा खिलाना चाहिए. 
  • भैंस के दाना मिश्रण में ज्यादा से ज्यादा दाना-खल शामिल करना चाहिये. 
  • ज्यादा दाने-खल होने से मिक्सचर की क्वालिटी, स्वाद दोनों में बढ़ोतरी होती है.
  • भैंस भूखी होने पर मिट्टी, चिथड़े और दूसरी गन्दी चीजें खाना शुरू कर देती है.
  • भैंस को नई चीज खिलाने से पहले वाले खुराक के साथ मिलाकर धीरे-धीरे बदलाव करें.
  • भैंस की खुराक में शामिल दाना मिक्सचर प्रोटीन और ऊर्जा के स्रोत वाला होना चाहिए.

चारा और दाना मिक्सचर ऐसे खि‍लाएं 

सीआईआरबी के साइंटिस्ट की मानें तो दाना मिक्सचर को चारे के साथ अच्छी तरह मिलाकर खिलाने से कम गुणवत्ता और कम स्वाद वाले चारे की भी खपत बढ़ जाती है. इसके कारण चारे की बरबादी भी नहीं होती है. क्योंकि भैंस चुन-चुन कर खाने की आदत के कारण बहुत सारा चारा बरबाद करती है.

मुमकिन हो तो दाना पीसकर खिलाएं

भैंस की खुराक में शामिल दाना मिक्सचर को अच्छी तरह से पीसना चाहिए. अगर साबुत दाना या उसके कण भैंस के गोबर में दिखार्इ दें तो समझ जाएं कि दाना मिक्सचर ठीक प्रकार से पिसा नहीं है. खराब तरह से पिसा दाना मिक्सचर भैंस को पचता भी नहीं है. लेकिन दाना मिक्सचर बहुत बारीक भी न पिसा हो. खिलाने से पहले दाना मिक्सचर को भिगोने से वह स्वादिष्ट और पाचक हो जाता है.

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