Bater Farming: सर्दियों में बड़ा मुनाफा कराएगी, अभी से शुरू कर दें बटेर पालन की तैयारी

Bater Farming: सर्दियों में बड़ा मुनाफा कराएगी, अभी से शुरू कर दें बटेर पालन की तैयारी

बटेर के मीट में प्रोटीन की मात्रा 25 फीसद तक होती है. खाने में बटेर के प्रोटीन को बहुत अच्छा माना जाता है. बटेर के अंडों की बात करें तो इसमे 41 तत्व पाए जाते हैं. मुर्गी पालन की तरह से बटेर से लम्बे वक्त तक मुनाफा नहीं कमा सकते हैं. लेकिन बटेर के मीट की डिमांड अब सिर्फ सर्दियां ही नहीं गर्मियों में भी होती है. 

बटेर पालनबटेर पालन
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jun 25, 2026,
  • Updated Jun 25, 2026, 4:05 PM IST

पोल्ट्री मीट की बात करें तो पहले नंबर पर चिकन आता है. ये सिर्फ भारत ही नहीं विश्वभर में भी चिकन को पसंद किया जाता है. देश में चिकन के बाद दूसरे नंबर पर आती है बटेर. हालांकि चिकन के मुकाबले अभी भी बटेर का आंकड़ा बहुत कम है, लेकिन लगातार इसका आंकड़ा बढ़ रहा है. पोल्ट्री मीट में बटेर को भी खूब पसंद किया जा रहा है. बाजार में बटेर के मीट ही नहीं अंडों की भी खूब डिमांड है. बटेर का मीट बाजार में महंगा बिकता है. डिमांड और महंगा होने के चलते बटेर पलकों को इस कारोबार में अच्छा मुनाफा मिल जाता है.

बटेर पालन भारत में एक तेजी से बढ़ता कारोबार बन रहा है. यह कारोबार कम लागत और कम जगह में होने के चलते लोगों की पसंद बन रहा है. राज्य की पोल्ट्री पॉलिसी और जरूरी लाइसेंस के बाद इसे शुरू किया जा सकता है. सिर्फ 50 हजार रुपये की मामूली लागत पर इसे शुरू कर सकते हैं. अगर सर्दियों में बटेर से मुनाफा कमाना है तो अभी से इसकी तैयारी शुरू की जा सकती है. 

बटेर पालन से पहले पढ़ें जरूरी टिप्स 

  • सिर्फ 50 हजार रुपये जैसी छोटी रकम लगाकर बटेर पालन से सालाना 10 लाख रुपये तक की कमाई की जा सकती है. 
  • बटेर बहुत छोटा पक्षी होता है, इसलिए मुर्गी पालन की तरह से इसके लिए ज्यादा जमीन की जरूरत नहीं होती है. 
  • बटेर की ग्रोथ बहुत तेजी से होती है. मादा बटेर 40 से 45 दिन में अंडा देने के लिए तैयार हो जाती है, वहीं मीट के लिए भी 50 दिन तक की बटेर बाजार में बिक जाती है. 
  • मुर्गियों के मुकाबले बटेर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत ज्यादा होती है, इसलिए बटेर जल्दी बीमारियों की चपेट में नहीं आती है. 
  • जापानी बटेर (Japanese Quail) और बॉब व्हाइट बटेर (Bob white Quail) जैसी नस्लें ज्यादा मुनाफा देने वाली मानी जाती हैं. इन्हें भारत में भी पाला जाता है. 
  • बटेर के मीट और अंडों की होटल-रेस्टोरेंट में बहुत डिमांड होत है. वहीं सर्दियों के मौसम में खुले बाजार में भी बटेर के मीट की बहुत डिमांड होती है. 

बटेर से बनते हैं ये प्रोडक्ट 

भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), बरेली के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राज नारायण का कहना है कि बटेर का इस्तेमाल सिर्फ मीट और अंडे के लिए ही नहीं किया जाता है. बटेर से करीब पांच से छह  तरह के प्रोडक्ट बनाए जा सकते हैं. लेकिन बटेर से प्रोडक्ट बनाने के लिए ट्रेनिंग की जरूरत होती है. बरेली में ये ट्रेनिंग दी जाती है. बटेर के अंडे का अचार बहुत अच्छी रेसिपी मानी जाती है. बटेर का मीट चिकन बहुत महंगा मिलता है. चिकन दो से ढाई सौ रुपए किलो तक मिल जाता है. जबकि बटेर का मीट एक हजार रुपये से लेकर से 1200 रुपये किलो तक बिकता है. हालांकि मौसम के हिसाब से इसके दाम घटते-बढ़ते रहते हैं.

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