Milking: इस मशीन का करें इस्तेमाल, नहीं होगी पशुओं में खतरनाक बीमारी थनैला

Milking: इस मशीन का करें इस्तेमाल, नहीं होगी पशुओं में खतरनाक बीमारी थनैला

Milking दूध निकालने वाली मिल्किंग मशीन (Milking Machine) मॉर्डन डेयरी का एक अहम हिस्सा मानी जाती है. अगर आपके पास 5 से ज्यादा गाय-भैंस हैं, तो इस मशीन का इस्तेमाल और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है. दूध निकालने के लिए इस मशीन को इस्तेमाल करने के एक नहीं कई फायदे हैं. पैसा और वक्त दोनों ही बचने के साथ-साथ पशु संक्रमण से भी बचा रहता है. 

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Aug 11, 2026,
  • Updated Aug 11, 2026, 3:46 PM IST

पशुपालन और डेयरी को नुकसान पहुंचाने वाली पशुओं की सबसे बड़ी बीमारी दूध निकालने से जुड़ी हुई है. अगर पशुओं का दूध निकालने के दौरान सावधानी नहीं बरती जाए. साफ-सफाई का ख्याल नहीं रखा जाए तो पशु फौरन ही थनैला बीमारी की चपेट में आ जाता है. ये वो बीमारी है जो डेयरी सेक्टर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है. इस बीमारी से पशु ही नहीं उसका दूध पीने वाला भी इसकी चपेट में आ जाता है. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो गाय-भैंस का दूध निकालने का एक तरीका होता है. केन्द्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान (सीआईआरबी), हिसार के साइंटिस्ट का कहना है कि अक्सर दूध निकालने के दौरान पशुओं को संक्रमण हो जाता है. 

खासतौर पर बरसात के दिनों में संक्रमण के चलते पशुओं को कई तरह की बीमारियां होती हैं. ऐसी ही एक बीमारी थनैला है. ये बीमारी गलत ढंग से पशु का दूध निकालने और साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखने की वजह से होती है. इसलिए बरसात में तो मिल्किंग मशीन (Milking Machine) का इस्तेमाल करना और ज्यादा जरूरी हो जाता है. 

पशुपालन में मिल्किंग मशीन के फायदे 

समय की बचत होती है

हाथ से दूध निकालने में काफी समय और मेहनत लगती है. मशीन की मदद से आप एक ही समय में कई पशुओं का दूध निकाल सकते हैं. हाथ से दूध निकालने में जहां 10-15 मिनट लगते हैं, मशीन वही काम 5-7 मिनट में कर देती है.

मजदूरों की लागत कम हो जाती है

डेयरी की एक बड़ी परेशानी ट्रेंड और अच्छे स्टाफ का न मिलना भी है. वैसे भी आजकल अच्छे और कुशल ग्वालों का  मिलना मुश्किल हो गया है. लेकिन मिल्किंग मशीन आने के बाद मजदूरों की कमी होने पर भी अपना काम खुद आसानी से संभाला जा सकता है. इससे लेबर का खर्च भी कम होता है.

दूध की शुद्धता में आता है सुधार

हाथ से दूध निकालते समय धूल, बाल और पसीने की बूंद दूध में गिरने का डर लगातार बना रहता है. मशीन एक 'क्लोज्ड सिस्टम'  है, जिसमें दूध सीधे थनों से पाइप के जरिए बाल्टी या टैंक में जाता है. इससे दूध एकदम साफ रहता है और उसकी क्वालिटी भी बनी रहती है.

दूध निकालने के दर्द से मिलता है आराम 

अच्छी क्वालिटी की मिल्किंग मशीन प्राकृतिक तरीके से जैसे बछड़ा दूध पीता है ऐसे थनों पर दबाव डालती है. इससे पशु को दर्द भी नहीं होता और वह तनाव मुक्त होकर पूरा दूध देता है. इससे थनों में गांठ बनने या चोट लगने का खतरा भी नहीं रहता है.

दूध उत्पादन पर नहीं पड़ता असर 

जब अलग-अलग लोग हाथ से दूध निकालते हैं, तो उनके निकालने का तरीका अलग होता है, जिससे पशु कभी कम तो कभी ज्यादा दूध देता है. मशीन का पल्सेशन हमेशा एक जैसा रहता है, जिससे पशु हर रोज पूरा दूध देता है.

मशीन के इस्तेमाल में बरतें सावधानियां

  • मशीन के पाइप और कप को हर बार इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह गर्म पानी और कीटाणुनाशक से साफ करना बहुत जरूरी है, वरना थनैला (Mastitis) रोग का खतरा हो सकता है.
  • अगर आप बिजली वाली मशीन ले रहे हैं, तो आपके पास इन्वर्टर या जनरेटर की सुविधा होनी चाहिए, ताकि बिजली कटने पर दूध निकालने में दिक्कत न आए.
  • हमेशा अच्छी कंपनी की मशीन लें जिसकी सर्विस आपके पास उपलब्ध हो.

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