
विश्व के दूसरे देशों के मुकाबले हमारे देश में दूध देने वाले पशु जैसे गाय-भैंस और भेड़-बकरियों की संख्या ज्यादा है. पशु ज्यादा है तो छुट्टा पशु भी हमारे देश में ज्यादा है. आए दिन आने वाली खबरों से पता चल ही जाता है कि कैसे छुट्टा पशु हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में परेशानी बने हुए हैं. इसके साथ ही ऐसे भी पशु हैं जो दूध नहीं देते हैं लेकिन जिन्हें रोजाना की खुराक चाहिए ही चाहिए. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो देश में दुधारू पशुओं की संख्या करीब 30 करोड़ है, लेकिन इसमे से करीब 10 करोड़ ही दूध देते हैं.
20 करोड़ पशु किसी न किसी वजह से दूध देने लायक नहीं है. लेकिन ऐसे पशुओं के लिए अब ओवम पिक अप (OPU) इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) तकनीक मददगार हो सकती है. इस तकनीक की मदद से दूध न देने वाले पशु दूध भी देंगे और बच्चा भी देंगे. अच्छी बात ये है कि इस तकनीक का इस्तेमाल छुट्टा पशुओं पर भी किया जा सकता है.
OPU-IVF तकनीक का इस्तेमाल कर गाय-भैंसों के पैदा होने में लगने वाले वक्त को कम किया जा सकेगा. साथ ही गायों के अंडों का पूरा इस्तेमाल कर सकेंगे. साथ ही छुट्टा गायों का इस्तेमाल नस्ल बढ़ाने में किया जा सकेगा.
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