
प्रतीकात्मक फोटो.देश के 11 राज्यों में 4 मार्च से गेहूं की खरीद शुरू हो चुकी है. तय योजना के मुताबिक जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से लेकर बिहार-गुजरात तक गेहूं की खरीद होनी है. पंजाब, हरियाणा, यूपी, मध्य प्रदेश और राजस्थान भी इसमे शामिल है. सभी राज्यों में रबी सीजन की गेहूं की खरीद चल रही है, सिर्फ मध्य प्रदेश को छोड़कर. ये हम नहीं केन्द्र सरकार की बेवसाइट कह रही है. बेवसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक केन्द्र की नजर में मध्य प्रदेश में 5 मई की सुबह तक गेहूं के एक दाने की खरीद नहीं हुई है.
जबकि शरबती गेहूं मध्य प्रदेश की पहचान है. हालांकि इस संबंध में मध्य प्रदेश सरकार के आंकड़े कुछ और ही बयां कर रहे हैं. हालांकि एक-दो राज्यों को छोड़ दें तो वहां भी गेहूं खरीद में सुस्ती दिखाई दे रही है. गेहूं खरीद ने अभी तक लक्ष्य के आधे आंकड़े को भी नहीं छुआ है. वजह जो भी हो, कुछ राज्यों में गेहूं खरीद की आखिरी तारीख 15 मई है. लेकिन अभी तक ऐसे राज्यों में लक्ष्य का आधा गेहूं भी नहीं खरीदा गया है.
सेंट्रल फूड ग्रेन प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में एक करोड़ टन गेहूं की खरीद होनी है. इसके लिए 15 मार्च से लेकर 30 जून तक का वक्त तय किया गया है. खरीद के लिए 3585 केन्द्र बनाए गए हैं. लेकिन पोर्टल के मुताबिक 5 मई तक मध्य प्रदेश में गेहूं का एक दाना तक नहीं खरीदा गया है. जबकि बीते साल मध्य प्रदेश में 78 लाख टन गेहूं की खरीद की गई थी. हालांकि मध्य प्रदेश सरकार के मुताबिक उनके यहां रोजाना किसानों से गेहूं की खरीद हो रही है.
देश के 11 राज्यों में 4 मार्च से 30 जून तक गेहूं की खरीद की जानी है. गेहूं खरीद का लक्ष्य 3.45 करोड़ टन गेहूं का रखा गया है. अगर 4 मई की शाम 6 बजे तक की बात करें तो 1.39 करोड़ टन गेहूं की खरीद हो चुकी है. केन्द्रों पर गेहूं बिक्री के लिए 37 लाख किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. जबकि अभी तक 10.58 लाख किसानों से ही गेहूं की खरीद हुई है. 291 शहरों में 18483 गेहूं खरीद केन्द्र बनाए गए हैं. लेकिन अभी तक 203 शहरों के 9765 केन्द्रों पर ही किसान गेहूं बेचने के लिए पहुंचे हैं.

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