UP के 75 जिलों की सभी गोशालाओं में होगी कृषि सखियों की तैनाती, जानें योगी सरकार की पूरी योजना

UP के 75 जिलों की सभी गोशालाओं में होगी कृषि सखियों की तैनाती, जानें योगी सरकार की पूरी योजना

UP News: उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि गोशालाओं से निकला यह नया मॉडल आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकता है और उत्तर प्रदेश को जैविक खेती एवं गो आधारित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकता है.

krishi sakhi will be deployed in cow shelter in 75 districts of up know yogi government complete planमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर गोशाला बन रहीं आधुनिक और आत्मनिर्भर krishi sakhi will be deployed in cow shelter in 75 districts of up know yogi government complete planमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर गोशाला बन रहीं आधुनिक और आत्मनिर्भर
नवीन लाल सूरी
  • LUCKNOW,
  • May 15, 2026,
  • Updated May 15, 2026, 5:08 PM IST

उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण को लेकर पहली बार इतने बड़े स्तर पर व्यापक और संगठित मॉडल पर काम शुरू होने जा रहा है. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार अब गो संरक्षण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तीकरण और जैविक खेती से जोड़कर नए रोजगार मॉडल के रूप में विकसित करने जा रही है. इसके लिए योगी सरकार ने मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसके तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों की 7,500 से अधिक गोशालाओं में कृषि सखियों की तैनाती की जाएगी.

महिलाओं को प्रशिक्षण देकर बनाया जाएगा मास्टर ट्रेनर 

उन्होंने बताया कि इस पूरी योजना में उत्तर प्रदेश आजीविका मिशन की महिलाओं को विशेष भूमिका सौंपी जा रही है. योगी सरकार की योजना है कि ग्रामीण क्षेत्र की माताएं और बहनें गो संरक्षण में भी सहभागी बनें और गोशालाओं को आत्मनिर्भरता व समृद्धि के केंद्र के रूप में विकसित करें. श्याम बिहारी गुप्ता के मुताबिक, इसके लिए प्रदेश स्तर पर महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा, जो आगे गांव-गांव में अन्य महिलाओं को प्रशिक्षित करेंगी.

गोशालाओं से निकलेगा समृद्धि का रास्ता

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार की रणनीति के अनुसार प्रदेश की सभी गोशालाओं को रोजगार और जैविक कृषि के मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा. गोशालाओं से निकलने वाले गोबर का उपयोग बड़े पैमाने पर जैविक खाद तैयार करने में होगा. इसके लिए महिलाओं के माध्यम से खाद निर्माण इकाइयां संचालित की जाएंगी. उन्होंने बताया कि इससे एक ओर जहां गो संरक्षण को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे. खासतौर पर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह अभियान मील का पत्थर साबित हो सकता है.

खेती की लागत घटेगी और मिट्टी की गुणवत्ता होगी बेहतर

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि योजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जैविक खाद के बड़े स्तर पर उत्पादन से किसानों को रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी. इससे खेती की लागत घटेगी और मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होगी. वहीं जैविक खाद के उपयोग से किसानों की आय बढ़ेगी और प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य के लिहाज से सुरक्षित एवं बेहतर खाद्यान्न उपलब्ध हो सकेगा. यही कारण है कि इस पूरी योजना को गांव, किसान, महिला और गो संरक्षण को एक साथ जोड़ने वाले गो समृद्धि अभियान के रूप में देखा जा रहा है.

महिलाओं की बड़ी भागीदारी से मजबूत होगा अभियान

श्याम बिहारी गुप्ता ने आगे बताया कि उत्तर प्रदेश आजीविका मिशन से जुड़ी कृषि सखियां इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बनेंगी. योगी सरकार का उद्देश्य है कि गो संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे स्थायी आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित किया जाए. यही वजह है कि इस अभियान में महिलाओं की भूमिका केवल सहयोगी नहीं बल्कि नेतृत्वकारी होगी.

गो आधारित अर्थव्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि गोशालाओं से निकला यह नया मॉडल आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकता है और उत्तर प्रदेश को जैविक खेती एवं गो आधारित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकता है.

ये भी पढ़ें-

Fertilizer Crisis: सब्सिडी ने दी आजादी या बनाया गुलाम? केमिकल फर्टिलाइजर के विदेशी मकड़जाल में फंसी भारतीय खेती

Dairy Milk: डेयरी फार्मर को देनी होगी दूध की सही कीमत, तभी बचेगा डेयरी सेक्टर- आरएस सोढ़ी

MORE NEWS

Read more!