Cow Milk: विदेशी नस्ल की HF-जर्सी ही नहीं ये गाय भी ज्यादा दूध देने में हैं आगे, पढ़ें नस्ल डिटेल 

Cow Milk: विदेशी नस्ल की HF-जर्सी ही नहीं ये गाय भी ज्यादा दूध देने में हैं आगे, पढ़ें नस्ल डिटेल 

Cow Milk देश में भी गायों की 51 रजिस्टर्ड नस्ल हैं. इसमे सबसे ज्यादा डिमांड में रहने वाली गाय, गिर, साहीवाल, ब्रदी, राठी, कांकरेज, थारपारकर आदि हैं. एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक विदेशी और देसी नस्ल की गायों के दूध में एक बड़ा अंतर भी है. और वो अंतर ये है कि देसी नस्ल की गायों के मुकाबले विदेशी नस्ल की गायों के दूध को कमजोर माना जाता है.

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jun 26, 2026,
  • Updated Jun 26, 2026, 9:00 AM IST

ऐसा माना जाता है कि डेयरी सेक्टर में सिर्फ HF और जर्सी नस्ल की गाय ही ऐसी हैं जो सबसे ज्यादा दूध देती हैं. इसीलिए भारत में खासतौर पर सिर्फ दूध के लिए देसी नस्ल की गायों के मुकाबले HF और जर्सी गाय ज्यादा पाली जाती हैं. लेकिन, . डेयरी एक्सपर्ट की मानें तो विदेशी नस्ल की ब्राउन स्विभस, आयर-शायर, रेड डेन गाय और गिरलांडो आदि गाय एचएफ और जर्सी से भी ज्यादा दूध देती हैं. एक्सपर्ट बताते हैं कि एचएफ और जर्सी नस्ल की गाय एक दिन में 50 से 70 लीटर तक दूध देती हैं. 

पंजाब-हरियाणा में तो दूध देने की कई प्रतियोगिताओं के दौरान HF और जर्सी नस्ल की गाय 76-77 लीटर तक दूध देती हैं. डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि बेशक विदेशी नस्ल की गाय दूध ज्यादा देती हैं. लेकिन क्वालिटी के चलते देसी नस्ल की गायों के दूध की डिमांड ज्यादा रहती है. क्योंकि देसी नस्ल की गाय के दूध में ए2 होता है, जबकि विदेशी नस्ल की गायों के दूध में ए1 पाया जाता है. 

ये है विदेशी गायों की पहचान 

  • चियानिना नस्ल- इस नस्ल की गाय 12 से 20 लीटर तक दूध देती है. इसका रंग सफेद और स्लेटी होता है. साथ ही इसका ऊंचा कद भी इसकी पहचान है. अगर इसके वजन की बात करें तो ये 800 से एक हजार किलो वजन तक की होती है. 
  • ब्राउन स्विस- ये गाय 21 से 29 लीटर दूध देती है. ब्राउन रंग की होती है. इसका वजन 590 से 640 किलो तक होता है, जो चियानिना नस्ल के मुकाबले बहुत कम है. 
  • आयर शायर- इस नस्ल की गाय ब्राउन स्विस नस्ल की गाय के मुकाबले 20 से 25 लीटर तक दूध देती है. अगर इसके रंग की बात करें तो सफेद रंग पर ब्राउन या लाल रंग के धब्बे होते हैं. जबकि इसका वजन 450 से 600 किलो तक होता है. 
  • ग्वेर्नसे गाय- चियानिना नस्ल की तरह से ये नस्ल भी 17 से 23 लीटर तक दूध देती है. ये सुनहरे रंग की होती है. वजन के मामले में ये 400 से 500 किलो तक होती है. 
  • रेड डेन- विदेशी नस्ल में ये बहुत कम दूध देने वाली गाय है. ये 12 से 15 लीटर तक दूध देती है. गहरे लाल रंग की होती है. और 600 से 660 किलो तक इसका वजन होता है. 
  • गिरलांडो गाय- दूध देने के मामले में इस गाय का कोई मुकाबला नहीं है. ये हर रोज 50 से 100 लीटर तक दूध देती है. इसके सफेद रंग के शरीर पर काले धब्बे होते हैं. वजन में ये 400 से 500 किलो तक की होती है.
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  • एचएफ नस्ल- की गाय 25 से 50 लीटर तक दूध देती है. इनके शरीर पर सफेद और काले रंग के धब्बे होते हैं. इनका वजन 450 से 650 किलोग्रम तक होता है. भारत में इसका पालन बड़े पैमाने पर होता है.
  • जर्सी गाय- ये भी भारत में खूब पाली जाती है. ये 25 से 35 लीटर तक दूध देती है. इस गाय का रंग हल्का लाल और पीला होता है. वजन 400 से 580 किलो तक होता है. 

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