
बिहार के मुजफ्फरपुर में मछली प्रेमियों और कारोबारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. दरअसल, अब शहर में जल्द ही आधुनिक मछली बाजार की शुरुआत होने जा रही है. इसमें भगवानपुर चौक, नीम चौक, लक्ष्मी चौक और संजय सिनेमा चौक पर नए फिश मार्केट विकसित किए जाएंगे. इसके लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा. यह योजना मुख्यमंत्री की 'सात निश्चय' योजना के तहत लाई गई है. फिलहाल पूरे बिहार के 9 जिलों को इस योजना के लिए चुना गया है और मुजफ्फरपुर भी इनमें शामिल है.
मुजफ्फरपुर के इन बाजारों में मछलियों की बिक्री सुधा आउटलेट की तर्ज पर आधुनिक स्टॉल में की जाएगी. खास बात यह होगी कि यहां ग्राहकों को जिंदा और ताजी मछलियां मिलेंगी. मछलियों को जिंदा रखने के लिए विशेष टैंक और आधुनिक व्यवस्था की जाएगी, ताकि ग्राहक अपनी पसंद की मछली चुन सकें.
नए बाजार बनने से सड़क किनारे मछली बेचने वाले कारोबारियों को स्थायी दुकानें मिलेंगी. साथ ही साफ-सफाई, बिजली, पानी और पक्के प्लेटफॉर्म जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी. इससे गर्मी और बारिश में मछली खराब होने की समस्या कम होगी. सिर्फ कच्ची मछली ही नहीं, बल्कि फिश कटलेट, फिश फिंगर्स, झींगा फ्राई, मछली कबाब और गबोली डांगर जैसे फिश प्रोडक्ट भी यहां ग्राहकों को मिलेंगे.
जिला मत्स्य पदाधिकारी रणधीर कुमार के मुताबिक यह योजना मुख्यमंत्री मत्स्य विपणन योजना के तहत लागू की जा रही है. राज्य सरकार पूरे बिहार में 100 आधुनिक मछली बाजार विकसित कर रही है, जिसमें मुजफ्फरपुर भी शामिल है. रणधीर कुमार ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य मछली विक्रेताओं की आमदनी बढ़ाना और लोगों को साफ और हाइजीनिक तरीके से ताजी मछली उपलब्ध कराना है. सरकार चाहती है कि मछली बेचने का काम व्यवस्थित तरीके से हो और ग्राहकों को बेहतर सुविधा मिले.
योजना के लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं. इसमें हिस्सा लेने वाले व्यक्ति के बैंक खाते में कम से कम 10 लाख रुपये होने चाहिए. इसके अलावा हर महीने 15 हजार रुपये किराया देना होगा. साथ ही हर दो साल में किराए में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी होगी. उन्होंने कहा कि पहले मछली को ताजा रखने के लिए आइस बॉक्स दिए गए थे और लोग उनका इस्तेमाल कर रहे हैं. विभाग लगातार जागरूकता अभियान भी चला रहा है, ताकि विक्रेता साफ-सफाई और सही तरीके से मछली बेचने के लिए प्रोत्साहित हों.