
देश में दूध की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं. पहले Amul और Mother Dairy ने दूध के दाम बढ़ाए थे, और अब केरल में भी दूध महंगा होने जा रहा है. केरल को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन यानी Milma ने दूध के दाम में 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. नए दाम 1 जून से लागू होंगे.
मिल्मा के चेयरमैन K. S. Mani ने बताया कि 4 रुपये की बढ़ोतरी में से 3.75 रुपये सीधे डेयरी किसानों को दिए जाएंगे. इसका मतलब है कि दूध बेचने वाले किसानों को पहले से ज्यादा पैसा मिलेगा. सरकार और डेयरी संस्थाओं का कहना है कि इससे पशुपालकों को राहत मिलेगी.
पिछले कुछ समय में पशुओं के चारे, दवाई और मजदूरी का खर्च काफी बढ़ गया है. गर्मी के कारण दूध उत्पादन भी कम हुआ है. इससे डेयरी किसानों की परेशानी बढ़ गई थी. दूध उत्पादक यूनियनों ने लगातार सरकार और डेयरी बोर्ड पर दबाव बनाया कि किसानों को सही दाम दिए जाएं.
इसी को देखते हुए मिल्मा ने दूध के दाम बढ़ाने का फैसला लिया. बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई.
मिल्मा बोर्ड पहले ही दूध के दाम बढ़ाने पर विचार कर चुका था, लेकिन हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के कारण इस फैसले को कुछ समय के लिए टाल दिया गया था. नई सरकार बनने के बाद अब इसे लागू करने का फैसला लिया गया है.
इससे पहले देश की बड़ी डेयरी कंपनियां अमूल और मदर डेयरी भी दूध के दाम बढ़ा चुकी हैं. दोनों कंपनियों ने बढ़ती लागत और किसानों को ज्यादा भुगतान देने का कारण बताया था. अब केरल में भी दूध महंगा होने से आम लोगों की रसोई का खर्च बढ़ सकता है.
दूध रोज़ इस्तेमाल होने वाली जरूरी चीज है. ऐसे में कीमत बढ़ने का असर सीधे आम लोगों के बजट पर पड़ता है. खासकर बच्चों वाले परिवारों और चाय-दूध का ज्यादा उपयोग करने वाले घरों में खर्च बढ़ सकता है. हालांकि डेयरी किसानों का कहना है कि अगर उन्हें सही दाम नहीं मिलेगा, तो पशुपालन करना मुश्किल हो जाएगा.
विशेषज्ञों का कहना है कि दूध के दाम बढ़ने से डेयरी किसानों को कुछ राहत जरूर मिलेगी. बढ़ती महंगाई के बीच पशुपालन का खर्च लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में ज्यादा भुगतान मिलने से किसानों को अपना काम जारी रखने में मदद मिलेगी.
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