Bakra for Bakrid: वजन के मामले में बहुत पसंद की जाती हैं बकरों की ये दो खास नस्ल 

Bakra for Bakrid: वजन के मामले में बहुत पसंद की जाती हैं बकरों की ये दो खास नस्ल 

Bakra for Bakrid बकरीद पर बकरों की डिमांड को पूरा करने के लिए ही किसान कई अलग-अलग नस्ल के बकरों पर पूरी साल काम करते हैं. लोग बिक्री में एक-दूसरे को टक्कर देने के लिए ज्यादा से ज्यादा वजन के बकरे लेकर आते हैं. ऐसी ही दो खास नस्ल हैं जिसके बकरे 150 किलो वजन तक हो जाते हैं. 

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • May 18, 2026,
  • Updated May 18, 2026, 7:36 PM IST

बकरे-बकरियों का पालन तेजी से बढ़ने वाला सेक्टर बन गया है. आज हमारे देश में बकरे-बकरियों की 40 से ज्यादा रजिस्टर्ड नस्ल हैं. वैसे तो देश में बकरे-बकरियों को तीन खास वजह से पाला जाता है. लेकिन बकरे-बकरियों का सबसे ज्यादा पालन मीट के लिए किया जाता है. घरेलू बाजार में ही बकरे के मीट की बहुत मीट है. दूध और बच्चों यानि प्रजनन के लिए भी बकरियां पाली जाती हैं. यही वजह है कि जब बकरे-बकरियां खरीदे जाते हैं तो इस बात का खास ख्याल रखा जाता है कि वो वजन में कितनी ग्रोथ करेगा. बकरी दूध कितना देती है और साल में बच्चे कितने देती है. खासतौर पर बकरीद के दौरान वजनदार बकरों की बहुत डिमांड रहती है. 

अभी बकरीद के लिए बकरों की खरीद-फरोख्त हो रही है. हाट से लेकर बाजारों तक में बकरीद के लिए तैयारी चल रही है. मीट से जुड़ी खासियत को देखते हुए ही बीते साल सरकार ने बकरे-बकरियों की दो खास नस्ल सोजत और गुजरी को रजिस्टर्ड किया गया है. गोट एक्सपर्ट बताते हैं कि दोनों ही नस्ल के बकरों को मीट के लिए बहुत पसंद किया जाता है. दोनों ही नस्ल की बकरियां भी दिनभर में एक लीटर से ज्यादा दूध देती हैं. 

150 किलो का हो जाता है ये बकरा 

बकरियों की गुजरी नस्ल खासतौर पर राजस्थान के अलवर में पाई जाती है. इस नस्ल के बकरे का औसत वजन 69 और बकरी का 58 किलो तक होता है. लेकिन ज्यादातर महाराष्ट्र में इस नस्ल के बकरे की स्पेशल तरीके से खिलाई कर उसे वजनी बनाया जाता है. जानकारों की मानें तो बकरा 150 किलो के वजन को भी पार कर जाता है. इस नस्ल की बकरी रोजाना औसत 1.60 किलोग्राम तक दूध देती है. यह सफेद और भूरे रंग की होती है. इसके पेट, मुंह और पैर पर सफेद धब्बे होते हैं.

मीट और दूध के लिए है इस नस्ल की पहचान  

सोजत नस्ल की बकरी नागौर, पाली, जैसलमेर और जोधपुर में पाई जाती है. यह जमनापरी की तरह से सफेद रंग की बड़े आकार वाली नस्ल की बकरी है. इसे खासतौर पर मीट के लिए पाला जाता है. इस नस्ल का बकरा औसत 60 किलो वजन तक का होता है. बकरी दिनभर में एक लीटर तक दूध देती है. सोजत की नार्थ इंडिया समेत महाराष्ट्रा में भी खासी डिमांड रहती है.

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