Goat for Bakra: बकरा मंडियों में साल दर साल बढ़ रही है सोजब बकरों की डिमांड, जानें वजह 

Goat for Bakra: बकरा मंडियों में साल दर साल बढ़ रही है सोजब बकरों की डिमांड, जानें वजह 

Goat for Bakra सोजत बकरे-बकरियों की एक खास नस्ल है. इस नस्ल को हाल ही में सरकार ने इसका रजिस्टर्ड किया है. ये देखने में कुछ-कुछ जमनापारी नस्ल जैसी होती है. इसे मीट और दूध के लिए पाला जाता है. इसकी एक खास बात ये भी है कि ये बड़े आकार की पूरी तरह से सफेद रंग वाली नस्ल है. 

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • May 19, 2026,
  • Updated May 19, 2026, 4:03 PM IST

लम्बे-लम्बे लटकते गुलाबी कान. चेहरे पर अलग से ही चमकती हुईं गुलाबी आंखें. स्कि न (शरीर) भी धूप में गुलाबी दिखाई देता है. वजनदार बदन के साथ लम्बाई भी अच्छी खासी होती है. दो शब्दों में बयां होने वाली ये पहचान है सोजत नस्ल के बकरों की. बेशक कुछ साल पहले तक बकरीद की खरीदारी में सोजत का नाम न आता हो. कोई ग्राहक डिमांड न करता हो कि मुझे सोजत नस्ल का बकरा चाहिए. जानकारों की मानें तो पहले बकरीद की मंडियों में सोजत नस्ल के बकरे भी कम दिखाई देते थे. लेकिन अब इसके एक एकदम उल्टा है. 

अगर किसी मंडी में 20 पशुपालक बकरे बेच रहे हैं तो उसमे से 4 सोजत बकरे बेचने वाले होंगे. दूसरी खास बात ये है कि सोजत नस्ल के बकरों को कड़ी मेहनत और देखरेख के साथ पाला जाता है तो हर कोई इसे पालने की कोशि‍श भी नहीं करता है. लेकिन सोजत नस्ल के फार्म खूब खुल रहे हैं. ये फार्म पूरी तरह से बकरीद के लिए सोजत नस्ल के बकरे तैयार कर मंडियों में लाते हैं. ऐसे ही दो फार्म जामा मस्जि‍द, दिल्ली की बकरा मं‍डी में आए हैं. 

युवान और हेवन फार्म लाए हैं सोजत बकरे

वैसे तो सोजत नस्ल के दो-चार या पांच बकरे बहुत सारे पशुपालक लेकर आए हैं, लेकिन बड़ी संख्या में और देखने-दिखाने लायक बकरों की बात करें तो वो आपको युवान और हेवन गोट फार्म के स्टॉल पर दिखाई देंगे. ये दोनों ही स्टॉल जामा मस्जिद की बकरा मंडी में लगे हैं. दोनों ही स्टॉल पर आपको वजनदार और दिखने में खूबसूरत बकरे मिलेंगे. वजन और हाइट भी ऐसी कि पहली नजर में तो आंखें खोले आप उन्हें देखते ही रह जाएंगे. दोनों ही फार्म पर 40 किलो से लेकर 100 किलो तक के बकरे मिल जाएंगे. इसमे युवान एग्रो फार्म आगरा का है. वहीं हेवन गोट फार्म दिल्ली का है, लेकिन इनका फार्म अलीगढ़ में है जहां बकरे पाले जाते हैं. हेवन फार्म के हसन ने किसान तक को बताया कि मंडी में लाइव सोजत बकरे नग और किलो के हिसाब से दोनों तरह से बिक रहे हैं. 

सोजत के बारे में ये भी जानें 

गोट एक्सपर्ट बताते हैं कि सोजत नस्ल के वयस्क नर बकरे का वजन करीब 60 से 70 किलो तक हो जाता है. जबकि बकरी का वजन 40 से 50 किलो तक हो जाता है. बकरी दिनभर में एक लीटर तक दूध देती है. सोजत नस्ल मूल रूप से राजस्थान के पाली जिले की सोजत तहसील की नस्ल है. लेकिन इसे जोधपुर और नागौर के आसपास के इलाकों में भी पाला जाता है. सोजत की नार्थ इंडिया समेत महाराष्ट्रा में भी खासी डिमांड रहती है. सोजत बकरों को खासतौर पर मीट के लिए ही पाला जाता है. 

क्यों हो रही सोजत की डिमांड 

गोट एक्सपर्ट बताते हैं कि किसी भी नस्ल के बकरे का मीट देख लिजिए वो कहीं न कहीं दिखने में एक जैसे ही होते हैं. लेकिन सोजत बकरे के मीट की खासियत ये है कि बहुत कुछ गुलाबीपन लिए हुए होता है. वहीं मीट मुलायम होने के साथ-साथ एक खास तरह के अलग ही टेस्ट वाला होता है. यही वजह है कि जो एक बार बकरीद पर सोजत नस्ल के बकरे की कुर्बानी कर लेता है तो फिर दोबारा से उसकी कोशि‍श यही होती है कि वो दोबारा से भी सोजत बकरे की ही कुर्बानी करे. 

ये भी पढ़ें- केंद्र के आंकड़ों में 'जीरो' है मध्य प्रदेश की गेहूं खरीद, पढ़ें बाकी राज्यों का हाल

ये भी पढ़ें- पशुपालकों और पर्यावरण तक के लिए ऐसे फायदेमंद है वाइट रेवोलुशन-2

MORE NEWS

Read more!