यूपी-राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र और गुजरात के कई शहरों में हीट वेव का असर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग ने ये चेतावनी जारी की है. विभाग का कहना है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात के कई शहरों में तापमान 40 से 45 डिग्री के बीच पहुंच चुका है. दिल्ली, हरियाणा और पंजाब छत्तीसगढ़, विदर्भ और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी गर्मी का असर देखने को मिल रहा है. तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने की चेतावनी दी गई है. जबकि पश्चिम उत्तर प्रदेश में 19 मई से 24 मई तक हीटवेव चलने की संभावना जताई गई है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी तेज गर्मी पड़ने की चेतावनी जारी की गई है. ऐसे में चढ़ती गर्मी और बढ़ता तापमान सिर्फ इंसान ही नहीं पशुओं को भी परेशान करता है.
उत्पादन करने वाले सभी तरह के पशु इससे बहुत प्रभावित होते हैं. इसे देखते हुए एनिमल एक्सपर्ट पशुओं की डाइट में बदलाव की सलाह देते हैं. एक्सपर्ट की मानें तो हीट वेव के दौरान पशु हीट स्ट्रोक और हीट स्ट्रेस की चपेट में आ जाते हैं. जिसका सीधा असर पशुओं के उत्पादन पर पड़ता है. साथ ही बीमारी के इलाज पर होने वाले खर्च से उत्पादन की लागत भी बढ़ जाती है. इस सब के चलते पशुपालकों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ता है.
हीट वेव से बचाने को करें ये काम
छायादार आवास
- गर्मियों में पशुओं को सीधी धूप से बचाना चाहिए.
- पशुओं का शेड ऐसा हो जहां हवा अच्छी तरह से आती-जाती हो.
- छत पर सफेद पेंट, घास, फूस रखने से गर्मी कम लगती है.
- पशुओं के लिए पेड़ की छाया बहुत फायदेमंद होती है.
पीने के पानी का इंतजाम
- पशुओं को हमेशा साफ और स्वच्छ पानी ही पिलाएं.
- एक वयस्क पशु को दिन में 60 से 80 लीटर पानी पिलाएं.
- दिन में कई बार टंकी के पानी को बदलते रहें.
पशुओं के लिए ठंडक का इंतजाम
- पशुओं पर दिन में दो-तीन बार पानी का छिड़काव करें.
- मुमकिन हो तो भैंसों को तालाब में बैठाएं.
- पशुओं के शेड में उनकी संख्या के हिसाब से पंखे लगवाएं.
- शेड में पशुओं को गर्मी न लगे इसके लिए मिस्ट सिस्टम लगाएं.
गर्मियों में पशुओं की ठंडी खुराक
- सुबह-शाम के ठंडे वक्त ही पशुओं को खुराक खिलाएं.
- पशुओं की खुराक में हरा चारा ज्यादा शामिल करें.
- खुराक के साथ मिनरल मिक्चर और नमक जरूर खिलाएं.
- ज्यादा सूखा और गरम तासीर वाला चारा कम खिलाएं.
- पानी में ओआरएस का घोल मिलाकर पिलाएं.
मई से जून के लिए काम की बातें
- दोपहर 12 से 4 बजे तक पशु को चराने न ले जाएं.
- सुबह और देर शाम को ही चराई पर ले जाएं.
- शेड के आसपास पेड़ लगाकर छाया बढ़ाएं.
- शेड में और उसके आसपास सफाई रखें.
- शेड के फर्श पर पानी का छिड़काव करते रहें.
- 25 डिग्री से ज्यादा तापमान होने पर अलर्ट हो जाएं.
- पशुओं की हैल्थ की जांच कराते रहें.
- पशु में हीट स्ट्रोक की ऐसे करें पहचान
- हीट स्ट्रोक में आते ही तेज-तेज सांस लेना.
- मुंह खुला रखना और लार टपकाना.
- कमजोरी होने से चलने में पशु सुस्त रहता है.
- पशुओं के शरीर का तापमान बढ़ा हुआ रहता है.
- हीट स्ट्रोक में आते ही पशु को ठंडी जगह पर रखें.
- पशु के शरीर पर ठंडा पानी डालते रहें.
- पशु के हीट स्ट्रोक में आती ही डॉक्टर से संपर्क करें.
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