
ओडिशा सीफ़ूड के निर्यात में लगातार अपनी मजबूत पहचान बना रहा है. दरअसल, वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य ने 1 लाख 897 मीट्रिक टन से अधिक सीफ़ूड का निर्यात किया है, जिसकी कुल कीमत 5,428.67 करोड़ रुपये रही. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव यशवीर सिंह के अनुसार, ओडिशा की लंबी समुद्री तटरेखा, झींगा और मछली पालन के लिए अनुकूल वातावरण और विकसित मत्स्य बुनियादी ढांचे ने राज्य को देश के प्रमुख सीफूड निर्यातक राज्यों की कतार में ला खड़ा किया है.
दिलचस्प बात यह है कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार सीफूड निर्यात की मात्रा में 9.63 प्रतिशत और निर्यात से होने वाली आय में 11.90 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक बाजार में ओडिशा के सीफ़ूड उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है और राज्य का मत्स्य क्षेत्र तेजी से नई सफलता की ओर बढ़ रहा है.
यशवीर सिंह ने कहा कि राज्य में अभी 64 रजिस्टर्ड सीफूड निर्यातक, 45 प्रोसेसिंग प्लांट, आधुनिक कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं और एक्वाकल्चर के विकास में मदद करने वाली 36 झींगा हैचरी मौजूद हैं. उन्होंने बताया कि इस साल राज्य में वन्नामेई झींगे का उत्पादन 53,628 मीट्रिक टन तक पहुंच गया. उन्होंने आगे कहा कि राज्य के मछली पालन क्षेत्र को पारादीप, धामरा और बलरामगढ़ी में बड़े बंदरगाहों के साथ-साथ बहाबलपुर, बालूगांव, चुड़ामणि और कोसिया में मछली उतारने वाले केंद्रों का सहयोग मिल रहा है.
उन्होंने कहा कि पारादीप बंदरगाह के जरिए कंटेनर के ज़रिए होने वाले सीफ़ूड निर्यात में भी काफी बढ़ोतरी देखी गई, जहां कंटेनर की आवाजाही 76 से बढ़कर 158 हो गई, जो 107 प्रतिशत से ज़्यादा की वृद्धि है. उन्होंने बताया कि मरीन प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (MPEDA) ने भी राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास और वैल्यू एडिशन प्रोजेक्ट्स के लिए सहयोग दिया है. साथ ही उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों और बढ़ते बुनियादी ढांचे के कारण ओडिशा में कृषि निर्यात की काफी संभावनाएं हैं.उन्होंने कहा कि राज्य को निर्यात सूचकांक में शीर्ष 10 में लाने और यह सुनिश्चित करने की कोशिशें की जा रही हैं कि कम से कम दो जिले शीर्ष 20 जिलों की सूची में शामिल हों.
अतिरिक्त सचिव यशवीर सिंह ने भारत के कुल निर्यात प्रदर्शन पर भी प्रकाश डाला और बताया कि कुल निर्यात 2014-15 में 468 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2025-26 में रिकॉर्ड 863 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जिसमें सालाना विकास दर (CAGR) 5.7 प्रतिशत रही. उन्होंने बताया कि सामान का निर्यात 310 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 442 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि सेवाओं का निर्यात 158 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 421 अरब अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा हो गया, जिससे 9.3 प्रतिशत की CAGR हासिल हुई. (PTI)