EL-Nino: बारिश होगी कम, गर्मी पड़ेगी ज्यादा, पशुओं को ऐसे पिलाएं पानी 

EL-Nino: बारिश होगी कम, गर्मी पड़ेगी ज्यादा, पशुओं को ऐसे पिलाएं पानी 

EL-Nino एनिमल एक्सपर्ट बताते हैं कि गर्मी के मौसम में पशुओं के लिए साफ और ताजा पानी पीना क्यों जरूरी है. पानी ना पीने पर किस तरह की परेशानी हो सकती है. पानी की कमी से होने वाली परेशानियों के लक्षण क्या हैं. परेशानी होने पर किस तरह के नुकसान उठाने पड़ते हैं. लेकिन पीने के पानी का ख्याल रखा जाए तो पशु को बीमार होने और उत्पादन कम होने के नुकसान से बचा जा सकता है. 

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jun 11, 2026,
  • Updated Jun 11, 2026, 8:45 AM IST

एक्सपर्ट की मानें तो अल नीनो के असर के चलते बारिश कम होने की संभावना है. वहीं गर्मी और ज्यादा पड़ेगी. इसकी वजह से पशु भी खासे परेशान रहेंगे, खासतौर से दुधारू पशु. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो दूध में 80 फीसद पानी होता है. इसलिए गर्मियों के मौसम में पशुओं के लिए पानी एक बड़ी समस्या बन जाता है. खासतौर पर पीने के पानी और रखरखाव में होने वाली छोटी सी गलती भी भारी पड़ जाती है. क्योंकि गर्मी के दौरान पशु सबसे ज्यादा हीट स्ट्रोक और हीट स्ट्रेस की चपेट में आ जाते हैं. 

गर्मी के मौसम में खासतौर पर जून तक पशुओं के पीने के पानी का बहुत ख्याल रखना चाहिए. हरा चारा भी पानी की कमी को पूरा करता है. अगर इस दौरान पानी पिलाने और सुबह-शाम नहलाने में कोताही बरती गई तो पशु हीट स्ट्रेस और हीट स्ट्रोक की चपेट में आ सकता है. जरा सी भी लापरवाही होने पर गर्मी के मौसम में पशु बीमारियों की चपेट में आ आते हैं.

जून आखि‍र पानी के लिए ये हैं टिप्स 

  • पशुओं को बार-बार पानी दिखाते रहें, फिर वो चाहें पीएं या नहीं. 
  • जहां तक मुमकिन हो पशुओं को ताजा और ठंडा पानी ही पिलाएं.
  • पशुओं के शरीर पर दिन में कम से कम तीन बार पानी छिड़कें. 
  • पशुओं को सूखी तूड़ी 30 और हरा चारा 70 फीसद तक खिलाएं. 
  • पशुओं को ताजा तूड़ी खिलाने से पहले उसे भिगो लें. 
  • शाम को भिगोकर रखी गई तूड़ी पशुओं को सुबह ही खिलाएं. 
  • पशु के सामने हमेशा नमक की ढेली रखें, इसे चाटने से प्यास लगती है. 
  • गर्मियों में पशुओं को सुबह-शाम नहलाना बहुत जरूरी है. 
  • जहां पशु बांधे जाते हैं वहां भी पानी का छिड़काव करें. 
  • पशुओं को दोपहर के वक्त छायादार जगह पर बांधना चाहिए. 
  • पानी की कमी होने पर पशु को नमक-चीनी का घोल पिलाएं.

पानी की कमी से होने वाले लक्षण 

जब पशुओं में पानी की कमी हो जाती है तो कई तरह के लक्षण से इसे पहचाना जा सकता है. जैसे पशुओं को भूख नहीं लगती है. सुस्ती और कमजोर हो जाना. पेशाव गाढ़ा होना, वजन कम होना, आंखें सूख जाती हैं, चमड़ी सूखी और खुरदरी हो जाती है और पशुओं का दूध उत्पादन भी कम हो जाता है. और सबसे बड़ी पहचान ये है कि जब हम पशु की चमढ़ी को उंगलियों से पकड़कर ऊपर उठाते हैं तो वो थोड़ी देर से अपनी जगह पर वापस आती है.

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