ओडिशा में पशु स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर, राज्य में खुलेंगे 219 नए अस्पताल और लैब

ओडिशा में पशु स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर, राज्य में खुलेंगे 219 नए अस्पताल और लैब

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य सरकार पशु चिकित्सा, पशुपालन और मछली पालन क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने भूरे अंडों और देसी असील नस्ल की मुर्गियों के लिए एक नए मार्केटिंग सेंटर का भी उद्घाटन किया.

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ओडिशा में पशु स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर, राज्य में खुलेंगे 219 नए अस्पताल और लैबओडिशा में पशु स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर (AI- तस्वीर)

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को राज्य में पशु संसाधन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत की है. इनमें 100 करोड़ रुपये की लागत से बने 76 नए पशु चिकित्सालय और चार पशु सहायता केंद्र शामिल हैं. इन परियोजनाओं का उद्घाटन विश्व पशु चिकित्सा दिवस के मौके पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में किया गया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पशुपालन और पशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए बड़ा ऐलान भी किया. राज्य में 219 नए पशु चिकित्सालयों और प्रयोगशालाओं के निर्माण के लिए छह सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए.

बीमारियों की आधुनिक तकनीक से होगी जांच

समझौते के तहत कटक के फूलनखरा में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से राज्य स्तरीय मॉलिक्यूलर प्रयोगशाला बनाई जाएगी. यहां पशुओं में होने वाली बीमारियों की आधुनिक तकनीक से जांच की जाएगी. इसके अलावा पशु आहार की क्वालिटी को जांचने के लिए 6 करोड़ रुपये की लागत से राज्य खाद्य प्रयोगशाला को भी मजबूत किया जाएगा.

नए मार्केटिंग सेंटर का हुआ उद्घाटन

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य सरकार पशु चिकित्सा, पशुपालन और मछली पालन क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने भूरे अंडों और देसी असील नस्ल की मुर्गियों के लिए एक नए मार्केटिंग सेंटर का भी उद्घाटन किया. इससे पोल्ट्री किसानों को अपने उत्पाद बेचने में मदद मिलेगी.

CM ने फिश लैंडिंग सेंटर का किया उद्घाटन

इसके अलावा मछुआरों के लिए भी सरकार ने कई कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री ने भद्रक जिले के कसिया में एक फिश लैंडिंग सेंटर का उद्घाटन किया. साथ ही 50 करोड़ रुपये की लागत से विकसित धमरा मछली बंदरगाह के सुधार कार्यों की भी शुरुआत की. इससे मछुआरों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उनकी आय बढ़ेगी.

खेती के साथ पशुपालन अपनाने पर जोर

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पशु चिकित्सकों की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि जो जानवर बोल नहीं सकते, उनका इलाज करने वाले पशु चिकित्सक भगवान के समान हैं. उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सिर्फ पारंपरिक खेती काफी नहीं है. किसानों को मछली पालन, डेयरी, मुर्गी पालन, बकरी पालन और भेड़ पालन जैसे सहायक व्यवसाय भी अपनाने होंगे. इससे उनकी आमदनी कई गुना बढ़ सकती है. साथ ही मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की 1,423 करोड़ रुपये की कामधेनु योजना से करीब 15 लाख डेयरी किसानों को फायदा मिल रहा है. सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाना और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है. (PTI)

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