Animal Care in Summer: बरसात ही नहीं गर्मियों में भी पशुओं को परेशानी करती है खुजली, ऐसे करें रोकथाम 

Animal Care in Summer: बरसात ही नहीं गर्मियों में भी पशुओं को परेशानी करती है खुजली, ऐसे करें रोकथाम 

Animal Care in Summer खुजली जैसी मामूली बीमारी भी गाय-भैंस समेत सभी तरह के पशुओं को परेशान करती है, इसीलिए एक्सपर्ट गर्मियों के मौसम में भी हर रोज पशु का खरहेरा (ब्रश से मालिश) करने की सलाह देते हैं. क्योंकि खुजली होने पर पशु शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं. इसलिए खरहेरा करने के साथ ही पशु और उसके आसपास साफ-सफाई भी बहुत जरूरी है. 

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नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Mar 19, 2026,
  • Updated Mar 19, 2026, 9:13 AM IST

पशुओं को खुजली हो जाए तो वो बुरी तरह से परेशान हो उठते हैं. खासतौर पर ऐसे पशु जो उत्पादन करने वाले होते हैं. हालांकि माना ये जाता है कि खासकर बरसात के दिनों में पशुओं को खुजली की परेशानी ज्यादा होती है. लेकिन ऐसा भी नहीं है कि गर्मियों में बिल्कुल नहीं होती है. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो पसीने के चलते भी पशुओं को खुजली की परेशानी होने लगती है. मक्खी-मच्छर की वजह से भी पशुओं को खुजली हो जाती है. बेशक खुजली दिखने में मामूली परेशानी लगती है, लेकिन खुजली के चलते पशुओं का तनाव बढ़ जाता है. छोटी सी खुजली के चलते ही पशु की सेहत के साथ-साथ गाय-भैंस का दूध उत्पादन भी कम हो जाता है. 

खुजली के चलते पशु दिमागी और शारीरिक तौर पर परेशान हो जाते हैं. यही तनाव उनकी शारीरिक ग्रोथ पर भी असर डालता है. एक्सपर्ट का कहना है कि कभी भी खुजली को मामूली बीमारी नहीं समझना चाहिए. इसके चलते ही कई बार पशुओं में गंभीर घाव तक हो जाते हैं. टिटनेस जैसा इंफेक्शन भी हो जाता है. अक्सर देखा जाता है कि पशु खुजली दूर करने के चक्कर में कई बार अपने आप को चोटिल कर लेते हैं. 

दीवार, तार-पेड़ से ना रगड़ने दें पशु को 

एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि गाय-भैंस, भेड़-बकरी, घोड़ा, ऊंट और याक समेत और भी दूसरे पालतू पशुओं को कई वजह से खुजली की बीमारी हो जाती है. हमारे यहां पशु की बात तो छोडि़ए इंसानों में भी इसे बेहद मामूली समझा जाता है. यही वजह है कि जब तक खुजली पशु में घाव या किसी बड़े इंफेक्शन का रूप नहीं ले लेती है तब तक पशुपालक उस पर गौर नहीं करते हैं.

हालांकि शरीर के कुछ हिस्सों की खुजली को तो सभी छोटे-बड़े पशु खुद से ही दूर करने की कोशिश करते हैं. लेकिन शरीर के कुछ ऐसे हिस्से में खुजली होने लगती है जहां जानवर अपने पैर या पूंछ का इस्तेमाल नहीं कर पाता है. अब अगर ऐसे में वो पशु शेड में खूंटे से बंधा है तो उसके लिए ये और भी मुश्किल वाला वक्त होता है. इस दौरान पशु अपने आसपास ऐसी चीज तलाश करता है जिससे वो अपनी खुजली दूर कर सके. 

और अगर पशु खुला हुआ है तो फिर वो कभी पेड़ से, कभी दीवार से तो कभी लोहे के तार की बाड़ से अपनी शरीर को रगड़कर खुजली दूर करने की कोशिश करता है. ऐसा करने के चलते ही पशु कई बार लोहे के तार या कांटों वाले झाड़ से खुजाकर अपने को घायल कर लेता है. लोहे के तार से पशु के शरीर पर जख्म हो जाता है. जंग लगे लोहे से घाव होने पर पशु के शरीर में टिटनेस का इंफेक्शन फैल जाता है. 

खरहेरा के साथ करें ब्रश का इस्तेमाल 

एक्सपर्ट ने बताया पशु को खुजली हो या ना हो, लेकिन दिन में एक बार पशु का खरहेरा जरूर करना चाहिए. ऐसा करने से पशु को बड़ा आराम मिलता है. पशु का तनाव भी दूर होता है. एक ब्रश की मदद से खरहेरा किया जा सकता है. अब तो बाजार में इस तरह के ब्रश भी आ रहे है जिनकी मदद से पशु खुद ही अपने शरीर की मालिश कर लेते हैं. बाजार में ब्रश की कीमत 40 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक है. बाजार में मैक्सी, मिडी, मिनी और टोटम चार तरह के ब्रश मौजूद हैं.

खुजली से कम हो जाती है पशुओं की खुराक 

एक्सपर्ट का कहना है कि पशु छोटा हो या बड़ा जब उसे खुजली होती है तो उसका असर उसके दिमाग पर भी होता है. पशु परेशान रहने लगता है. वो ठीक से अपनी खुराक भी नहीं खा पाता है. पशु पूरी तरह से तनाव में आ जाता है. और इन्हीं सब परेशानियों के चलते ही पशु का दूध उत्पादन कम हो जाता है. 

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