Cow Care: बरसात में गाय को बहुत परेशानी करती हैं ये बीमारी, ये हैं घरेलू उपाय

Cow Care: बरसात में गाय को बहुत परेशानी करती हैं ये बीमारी, ये हैं घरेलू उपाय

Cow Care गाय-भैंस की आम बीमारियों की अनदेखी गंभीर बीमारी का रूप तो ले ही लेती है, साथ में पशु के शारीरिक विकास और दूध उत्पादन पर भी बड़ा असर डालती है. कुछ आम और छोटी बीमारियां ऐसी भी हैं जिनका इलाज घर पर भी किया जा सकता है. घर में मौजूद चीजों को ही दवाई के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है.

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नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jul 31, 2026,
  • Updated Jul 31, 2026, 4:30 PM IST

कई बार पशुओं की कुछ बीमारियां देखने में बहुत छोटी लगती हैं. इसीलिए पशुपालक ऐस बीमारियों के खि‍लाफ लापरवाह हो जाते हैं. लेकिन इसी लापरवाही के चलते ही ये छोटी दिखने वाली बीमारियां बड़ी हो जाती हैं. कई बार तो ये बीमारियां पशुओं के लिए जानलेवा साबित होने लगती हैं. हालांकि इसमे कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं जिनका इलाज डॉक्टर ही कर सकते हैं, लेकिन कुछ ऐसी भी हैं जो घर पर ही घरेलू उपाय से सही की जा सकती हैं. गायों में भी बरसात के दौरान कुछ ऐसी ही बीमारियां हो जाती हैं. लेकिन अच्छी बात ये है कि इनका इलाज घर पर भी किया जा सकता है. 

गायों की ऐसी ही कुछ बीमारियों के बारे में हम आपको यहां बताने जा रहे हैं. साथ ही वो घरेलू उपाय भी जिन्हें आप घर में मौजूद चीजों का इस्तेमाल कर सही कर सकते हैं. गाय को होने वाली आम बीमारियां पशुपालक की लागत को बढ़ा देती हैं. क्योंकि गाय की मामूली सी बीमारी का असर भी उसके दूध उत्पादन को प्रभावित करता है, जबकि गाय चारा यानि अपनी खुराक उतनी ही खाती है.

नीम से जूं-किलनी का इलाज

गाय के जूं और किलनी होने के दौरान नीम के पत्तों को पानी में उबालकर गाय के शरीर पर स्प्रे करें. या फिर एक कपड़े को नीम के पानी में डालकर कपड़े से पशु को धोना चाहिए. इस उपाय को कई दिन लगातार करने से गाय की जूं और किलनी की परेशानी दूर हो जाती है. 

निमोनिया में तारपीन का तेल

किसी भी पशु को निमोनिया बहुत परेशान करता है. डॉक्टरों की मानें तो पानी में बहुत ज्यालदा देर तक भीगने की वजह से निमोनिया होता है. निमोनिया होने पर गाय का तापमान बढ़ जाता है, सांस लेने में दिक्कत होती है और उसकी नाक बहने लगती है. गाय में ये लक्षण दिखने पर उबलते पानी में तारपीन का तेल डालकर उसकी भांप पशु को सुंघानी चाहिए. इसके साथ ही पशु के पंजार में सरसों के तेल में कपूर मिलाकर मालिश करनी चाहिए. गाय को सर्दी के मौसम में निमोनिया से बचाने के लिए उसके शेड में गर्मी करनी चाहिए.

चोट या घाव के कीड़े का इलाज  

चोट या घाव में कीड़े पड़ने से कोई भी पशु बहुत ज्याहदा परेशानी महसूस करता है. जब भी पशु के शरीर पर कोई भी चोट या घाव देखें तो फौरन ही उसकी गर्म पानी में फिनाइल या पोटाश डालकर सफाई करनी चाहिए. घाव में अगर कीड़े हों तो एक पट्टी को तारपीन के तेल में भिगोकर पशु के उस हिस्से पर बांध देनी चाहिए. मुंह के घावों को हमेशा फिटकरी के पानी से धोना चाहिए. लेकिन साथ ही साथ घाव से जुड़े उपाय जानने के लिए डॉक्टर से से संपर्क जरूर करना चाहिए.

दस्त-मरोड़ में चावल का माड़

गाय को दस्तफ और मरोड़ होने पर वो पतला गोबर करने लगती है. डॉक्टरों का कहना है कि किसी भी पशु को इस तरह की परेशानी तब होती है जब पशु के पेट में ठंड लग जाए. अगर ऐसा होता है तो इस दौरान गाय को हल्का आहार देना चाहिए जैसे चावल का माड़, उबला हुआ दूध, बेल का गूदा आदि. वहीं साथ ही बछड़े या बछड़ी को दूध कम पिलाना चाहिए.

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