Cow and Goat: इसलिए गाय नहीं बकरी पालन तेजी से बढ़ रहा है, ये है बड़ा अंतर

Cow and Goat: इसलिए गाय नहीं बकरी पालन तेजी से बढ़ रहा है, ये है बड़ा अंतर

Cow and Goat खुद पीएम नरेन्द्र मोदी मन की बात में गाय और बकरी पालन की तुलना करते हुए बकरी पालन को बढ़ावा देने की बात कह चुके हैं. एनिमल एक्सपर्ट का भी कहना है कि गाय के मुकाबले बकरी पालन आसान और सस्ता है. यही वजह है कि ज्यादा लोग बकरी पालन में आ रहे हैं. बकरियों की कई ऐसी नस्ल हैं जो गाय से ज्यादा दूध और बच्चे भी देती हैं. 

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jul 31, 2026,
  • Updated Jul 31, 2026, 12:23 PM IST

एक वक्त था जब बकरी को गरीब की गाय कहा जाता था. बकरी पालन को बहुत ही खराब नजर से देखा जाता था. यही वजह थी कि पैसे से संपन्न लोग बकरी पालन करने से बचते थे. लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है. वजह जो भी हो, लेकिन आज गाय से ज्यादा बकरी पालन बढ़ रहा है. बकरी पालन के बड़े-बड़े फार्म खुल रहे हैं. डिफेंस, सिविल सर्विस समेत बड़ी-बड़ी नौकरियां छोड़कर या रिटायर होकर लोग बकरी पालन से जुड़ रहे हैं. केन्द्र सरकार पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए बड़ी योजना चला रही है. 

इस योजना का नाम नेशनल लाइव स्टॉक मिशन है. इसके पशुपालकों सब्सिडी दी जाती है. इस योजना के आंकड़े बताते हैं कि गाय से ज्यादा लोग बकरी पालन के लिए लोन मांग रहे हैं. पीएम नरेन्द्र मोदी भी अपने भाषणों में कहते हैं कि किसानों को गाय-भैंस के अलावा बकरी पालन के बारे में भी सोचना चाहिए. इस योजना का मकसद है किसानों की इनकम दोगुनी करने का है. 

दूध के मामले में गाय से बेहतर है बकरी 

डॉ. इन्द्रजीत सिंह, वीसी, बिहार एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी (बासु), पटना, बिहार का कहना है कि बीटल नस्ल की बकरी हर रोज पांच लीटर तक दूध देती है. जबकि देसी गाय के दूध का एवरेज 2.5 लीटर प्रति दिन है. गाय को रोजाना सात से आठ किलो सूखा चारा चाहिए, जबकि बकरी के लिए दिनभर में ज्यादा से ज्यादा दो किलो हरा चारा बहुत हो जाता है. बीटल बकरी साल में दो बार बच्चे देती है. एक बार में बकरी दो से तीन बच्चे तक देती है. जबकि गाय बकरी के इस मुकाबले में कहीं नहीं ठहरती है.

बीटल के अलावा बकरियों की और भी कई ऐसी नस्ल हैं जो सालभर में दो बार दो से तीन बच्चे तक देती हैं. अगर कोई बीटल बकरी को दूध का कारोबार करने के लिहाज से पालता है तो वो भी अच्छी कमाई कर सकता है. क्योंकि आज बकरी के दूध की डिमांड को देखते हुए उसकी कोई एक कीमत तय नहीं है. जो पंजाब बकरी पालने में शर्म महसूस करता था आज उसी पंजाब में बकरियों के 150 से ज्यादा बड़े फार्म हैं. ज्यादातर लोग बकरी के दूध का कारोबार कर रहे हैं. 

बकरी पालन से जुड़े कुछ और खास फैक्ट

  • गाय के मुकाबले बकरी सस्ती आती है. 
  • बकरी पालन कम जगह में किया जा सकता है.
  • बकरी को खूंटे से बांधकर भी पाला जा सकता है. 
  • बरबरी बकरी घर की छत पर रहकर भी पल जाती है. 
  • बकरी दूध-बच्चे देना बंद कर दे तो उसे मीट के लिए बेच सकते हैं.
  • बकरी की मेंगनी बेचकर हर महीने आठ से दस हजार कमा सकते हैं. 
  • बकरी एटीएम है, इसे कभी भी नकद बेचा जा सकता है.

ये भी पढ़ें:-

Milk Adulteration: दूध में पानी मिलाया है या पूरा दूध ही सिंथेटिक है, खुद से ऐसे करें जांच 

Goat Farming: तेजी से बढ़ रही है बकरी पालन करने वालों की संख्या, ये हैं वो 20 वजह

MORE NEWS

Read more!