मौसम में बदलाव शुरू हो गया है. धूप में तपिश भी महसूस होने लगी है. एक्सपर्ट की मानें तो आने वाले 10-12 दिन में मौसम एकदम से बदल जाएगा. सर्दियों के बाद सीधे गर्मी आ जाएंगी. इस बदलाव का असर मछलियों के तालाब में भी देखने को मिलता है. मौसम बदलने के साथ ही मछलियां भी बीमार होने लगती हैं. क्योंकि तापमान बढ़ने के साथ ही तालाब का पानी भी गर्म होने लगता है. और जब तालाब का पानी ज्यादा गर्म हो जाता है तो इसके चलते मछलियां बीमार हो जाती हैं.
फिश एक्सपर्ट की मानें तो 31 डिग्री से ऊपर का तापमान मछली के लिए जानलेवा होता है. हालांकि मार्च में सुबह-शाम तापमान ज्यादा नहीं होता है, लेकिन खासतौर पर दोपहर के वक्त धूप तेज हो जाती है. दोपहर के वक्त कई बार तापमान 31 डिग्री से ऊपर चला जाता है. यही मछलियों के लिए नुकसानदायक होता है. क्योंकि जैसे-जैसे पानी तेज गर्म होने लगता है तो पानी में आक्सीजन की मात्रा कम होने लगती है.
फिश एक्सपर्ट एमडी खान का कहना है कि तालाब में ज्यादातर रोहू, कतला, मृंगाल मछली का पालन किया जाता है. गर्मी के इस मौसम में मछलियों को 26 से 31 डिग्री तापमान वाले पानी की जरूरत होती है. लेकिन अभी तापमान भी बढ़ रहा है. आने वाले वक्त में तापमान 30 से 35 डिग्री को क्रॉस कर जाएगा. यह मछलियों के लिए बहुत ही खतरनाक होता है. जब गर्म हवाएं चलती हैं तो हालात और भी खराब हो जाते हैं.
होता ये है कि तालाब में फाइटो क्लाइंजम (अल्गी) लगी होती है. पानी के अंदर इसी से झींगा को मुख्य रूप से ऑक्सीजन मिलती है. लेकिन तेज गर्मी और गर्म पानी के चलते यह मुरझा जाती है. अब क्योंकि मछली पालन के लिए बिजली कमर्शियल होने के चलते बहुत महंगी है तो मछली पालक तालाब में पंखे और इरेटर बहुत कम चलाते हैं.
एमडी खान का कहना है कि मौजूदा और आने वाले मौसम को देखते हुए तालाब के पानी को ठंडा रखने के लिए ये जरूरी है कि खासतौर पर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक पंखे और इरेटर चलाएं. गर्मियों में सूखा खाने को न दें. एक लीटर मीठे फ्रेश पानी में 100 ग्राम गुड़ घोलकर, दो से तीन ग्राम विटामिन सी घोलकर दें. ग्लूकोज पाउडर भी खोलकर पिलाया जा सकता है.
मछलियों को दी जाने वाली दोपहर की खुराक एकदम कम कर दें. 10 फीसद से ज्यादा खाने को न दें. सुबह-शाम और रात 30-30 फीसद तक खाने को दें. तालाब के पानी की हाईट बढ़ा दें. अगर तालाब में 3.5 फुट पानी है तो उसे पांच से 5.5 फुट कर दें. क्योंकि ऊपर का पानी गर्म भी हो जाएगा तो 3.5 फुट पानी की सतह सामान्य बनी रहेगी.
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